नई दिल्ली, महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही उठापटक और महायुति गठबंधन के भीतर मची खींचतान के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह महत्वपूर्ण बैठक लगभग एक घंटे तक चली, जिसके बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। हाल ही में पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद सीट के चुनाव को लेकर शिवसेना और भाजपा दोनों दलों द्वारा अपने-अपने उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद गठबंधन के भीतर पैदा हुई टेंशन को इस मुलाकात की मुख्य वजह माना जा रहा है।
महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति पर हुई विस्तार से चर्चा, केंद्र सरकार ने सूखा राहत और किसानों को हरसंभव मदद का दिया आश्वासन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई इस बैठक के दौरान महाराष्ट्र में सूखे के हालात और उससे निपटने के उपायों पर विशेष चर्चा की गई। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री को राज्य में पानी, चारे और फसलों के नुकसान की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। प्रधानमंत्री मोदी ने आश्वासन दिया कि संकट का सामना कर रहे महाराष्ट्र के किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए केंद्रीय टीमों को जल्द ही राज्य में भेजा जाएगा ताकि राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। इस दौरान शिंदे ने प्रधानमंत्री को महात्मा ज्योतिबा फुले का चित्र भेंट किया और सार्वजनिक जीवन में उनके 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई भी दी।
दिल्ली दौरे से राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल, महायुति के आपसी मतभेदों को सुलझाने की दिशा में उठाए जा रहे हैं कदम
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि एकनाथ शिंदे की इस उच्चस्तरीय दिल्ली यात्रा का उद्देश्य केवल सूखा राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी स्थानीय चुनावों और विधान परिषद सीटों पर मचे घमासान को लेकर गठबंधन के भीतर समन्वय स्थापित करना भी है। महायुति के दोनों प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं, लेकिन शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर हो रही इन बैठकों से साफ है कि गठबंधन को मजबूत बनाए रखने और आपसी अड़चनों को दूर करने के लिए लगातार संवाद जारी है।

