नई दिल्ली, वैश्विक बाजारों में जारी उठापटक और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों के संकेतों के बीच मंगलवार को सोने की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला, हालांकि चांदी के भाव में मामूली नरमी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोना करीब 4,159.40 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी घटकर 61.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ऊंची बनी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के कारण दुनिया भर के बुलियन बाजारों में फिलहाल तेजी सीमित बनी हुई है और निवेशक अमेरिकी रोजगार के नए आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
भारत में घरेलू मांग सीमित और कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी, आगामी आरबीआई नीतिगत फैसलों पर टिकी खरीदारों की नजर
भारतीय सर्राफा बाजार में भी फिलहाल ज्वेलर्स और खुदरा खरीदारों की ओर से बड़ी मांग देखने को नहीं मिल रही है, जिससे घरेलू स्तर पर सोने-चांदी के दाम स्थिर बने हुए हैं। आज के भाव तय होने में अंतरराष्ट्रीय संकेतों के साथ-साथ रुपये की चाल की भी अहम भूमिका है। इसके अलावा, देश में सबकी निगाहें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के आने वाले मौद्रिक नीति फैसलों पर टिकी हैं, जिसके बाद घरेलू मुद्रा और कमोडिटी बाजार की अगली दिशा तय होने की पूरी उम्मीद है।
कच्चे तेल के दाम और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का भी असर, छोटे निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतें केवल ब्याज दरों से ही नहीं बल्कि कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव और दुनिया भर के भू-राजनीतिक तनावों से भी प्रभावित हो रही हैं। तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई की चिंता को बढ़ाती हैं, जिससे केंद्रीय बैंकों का रुख भी बदल सकता है। इन तमाम वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेतों को देखते हुए बाजार के जानकारों ने छोटे और खुदरा निवेशकों को इस समय जल्दबाजी से बचने और पूरी सतर्कता के साथ निवेश करने की सलाह दी है।

