
जबलपुर। जबलपुर के विकास में पंजाबी समाज के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। धर्म और सनातन संस्कृति के प्रति समाज का आग्रह ऐसे आयोजनों में स्पष्ट दिखाई देता है। वर्षों से आयोजित हो रहा पंजाबी दशहरा जबलपुर के प्रमुख पर्वों में अपनी विशेष पहचान बना चुका है। ये उदगार लोक निर्माण मंत्री सिंह ने सोमवार शाम आयुर्वेदिक कॉलेज ग्राउंड में आयोजित पंजाबी हिन्दू दशहरा महोत्सव को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।
पंजाबी हिन्दू दशहरा महोत्सव में रावण और कुंभकरण के 75 फुट ऊँचे के पुतले का दहन किया गया।
लोक निर्माण मंत्री सिंह ने आगे कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें असत्य और अहंकार के प्रतीक रावण के दहन के माध्यम से यह संदेश देता है कि जीत हमेशा सत्य की होती है। इसलिए हमें सदैव सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। हमारे पूर्वजों ने प्रत्येक त्योहार के माध्यम से समाज
को कोई न कोई सीख देने की परंपरा विकसित की है। ऐसे पर्व सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि पंजाबी दशहरा आयोजन ने जबलपुर में विशेष स्थान
बनाया है। अगले वर्ष इस आयोजन का 75वां वर्ष होगा। उन्होंने आयोजन समिति को अपनी ओर से 5 लाख रुपए देने की घोषणा करते हुए कहा कि समिति चाहे तो यह राशि तत्काल प्राप्त कर सकती है और इसका उपयोग अगले वर्ष के आयोजन में कर सकती है। पंजाबी हिन्दू दशहरा महोत्सव का शुभारंभ भगवान श्री राम के पूजन से हुआ। स्थानीय कलाकारों ने संस्कृतिक प्रस्तुतियां दी तथा आकर्षक आतिशबाजी भी की गई। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य सुमित्रा वाल्मीकि, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज,
नृसिंहपीठाधीश्वर स्वामी नृसिंहदेवाचार्य महाराज, साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, पूर्व विधायक विनय सक्सेना, पंजाबी हिन्दू एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
