मुलाकात के बारे में तत्काल विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मुलाकात का संबंध इमरान खान को जारी नोटिस या बॉम्बे उच्च न्यायालय में उनकी ओर से दी गई चुनौती से था या नहीं।
इमरान खान ने दक्षिण मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में 10 अक्टूबर को आयोजित एक प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इस प्रदर्शन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की गई थी। इसके बाद विदेशियों के क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (एफआरआरओ) ने उन्हें देश छोड़ने का निर्देश दिया था।
43 वर्षीय इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड है। एफआरआरओ ने आव्रजन एवं विदेशी नागरिक अधिनियम, 2025 की धारा 7 और 29 के तहत उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है।
इस नोटिस को चुनौती देते हुए इमरान खान ने बॉम्बे उच्च न्यायालय का रुख किया है। उन्होंने कार्रवाई को मनमाना, असंगत और असंवैधानिक बताया है। उनकी याचिका मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की खंडपीठ के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए पेश किए जाने की संभावना है।
याचिका में इमरान खान ने नोटिस जारी करने के आधार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसमें कार्रवाई के कारणों, संबंधित साक्ष्यों या उनके द्वारा कथित रूप से किए गए विशिष्ट कानूनी उल्लंघन का उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने जांच किए बिना, कारण बताओ नोटिस जारी किए बिना और अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना कार्रवाई की।
याचिका में नोटिस की वैधता और अधिकारियों द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया को विवाद का मुख्य मुद्दा बनाया गया है। उच्च न्यायालय ने अभी इस चुनौती पर फैसला नहीं सुनाया है और याचिका में लगाए गए आरोप न्यायिक विचाराधीन हैं।
इस विवाद ने ओसीआई कार्डधारकों की कानूनी स्थिति पर भी ध्यान आकर्षित किया है। ओसीआई कार्ड विदेशी नागरिकों को लागू कानूनी प्रावधानों के तहत भारत आने, यहां रहने और निर्धारित गतिविधियां करने की अनुमति देता है। हालांकि, ओसीआई का दर्जा भारतीय नागरिकता प्रदान नहीं करता और ऐसे कार्डधारकों के अधिकार तथा प्रतिबंध कानून के तहत निर्धारित होते हैं।
इमरान खान की याचिका पर फैसला अदालत के समक्ष रखे गए आधारों और अधिकारियों के जवाब पर निर्भर करेगा।
