भीड़ के ऊपर से ट्रक दौड़ता रहा, लोग चीखते रहे

ग्वालियर। शीतला माता मंदिर पर आज तड़के हुए भीषण हादसे के बाद नवभारत प्रतिनिधि जब मौके पर पहुंचा, तो कई लोग इस हादसे को याद करने या उसके बारे में बोलने को स्थिति में नहीं थे। आसपास के लोगों ने बताया कि दुर्घटना इतनी भीषण थी कि ट्रक के नीचे दबे लोगों के शव के अंग सड़क पर बिखर गए थे। ट्रक उन्हें कुचलता हुआ आगे बढ़ता रहा, जबकि लोग चीख-पुकार कर रहे थे।

*दशरथ* के अनुसार, ट्रक के नीचे आने के तुरंत बाद कुछ पीड़ितों की मौत हो गई थी। कई लोगों के चेहरे विकृत हो गए थे और उनके शरीर के अंग बाहर निकल आए थे। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि यह दृश्य इतना भयावह था कि उसे देखकर किसी का भी होश उड़ सकता था। यह मंजर नारकीय यातना जैसा था।

प्रत्यक्षदर्शी *रामहेत* ने बताया कि हादसे के बाद का मंजर देखते ही रोंगटे खड़े हो जाते थे। ट्रक के पहियों के नीचे पिसा इंसान, फैले मलबे, खून और दर्द से कराहते घायलों की चीख-पुकार ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। अपनों को खो चुके परिजन मलबे में अपने लोगों को ढूंढते रहे, लेकिन कई चेहरे ऐसे थे कि उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो गया था।

*गौरव परिहार* के साथ दर्शन को आई कल्पना परिहार ट्रक के पहिए के नीचे फंस गई थीं। पुलिस ने टायर की हवा निकालकर लंबी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला। वे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर की आईसीयू में भर्ती हैं। थाटीपुर निवासी *अभिषेक* का पैर टूट गया। उन्होंने बताया कि वे हाथ-पैर धो रहे थे, तभी सामने से आया ट्रक उन्हें घसीटता हुआ आगे निकल गया। उनके शब्दों में, श्रद्धालुओं के पैरों के नीचे दबकर वे कहीं गुम से हो गए थे।

नवभारत प्रतिनिधि से अपनी पीड़ा साझा करते हुए मृतका *चेतना* के परिजन ने कहा कि शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण हादसे ने सिर्फ जानें नहीं लीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब घायलों के रिश्तेदार और मृतकों के परिजन घटनास्थल तथा अस्पताल पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्हें पुलिस ने रोकने और अपनों से मिलने न देने का आरोप लगाया है। यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जिस जगह अपनों की मौत का शोक है, वहां परिजनों को आगे बढ़ने से क्यों रोका जा रहा था। दूसरी ओर, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के लिए भारी वाहनों की एंट्री रोकी गई थी, वहीं धान से लदा ट्रक पुलिस के स्टॉपर तोड़कर भीड़ में जा घुसा। यह हादसा शीतला माता मंदिर की मान्यता और श्रद्धा के साथ जुड़ी उस जगह पर एक काला धब्बा बन गया है, जो जिम्मेदारियों की स्पष्ट जांच और जवाबदेही के बिना मिटने वाला नहीं है।

 *हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों ने किया जबरदस्त हंगामा* 

हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों ने पुलिस की लापरवाही को लेकर हंगामा किया। सवाल यही है कि जब श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही थी, तब भारी वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था कहां खड़ी थी। एक ट्रक ने सिर्फ लोगों को नहीं रौंदा, कई परिवारों का पूरा भविष्य कुचल दिया। अपने परिजनों की पार्थिव देह लेने के लिए पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे मृतकों के परिजनों के गुस्से ने इस कदर उबाल लिया कि हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

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