
नीमच। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। दिन में तेज धूप और गर्मी, जबकि सुबह और रात के समय ठंडक महसूस होने से मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश और उल्टी-दस्त जैसी शिकायतों से परेशान मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं, एलर्जी से पीडि़त लोगों को भी बदलते तापमान और धूल-धुएं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच बच्चों, बुजुर्गों और पहले से एलर्जी की समस्या से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और रात के समय ठंडक तथा दिन में गर्मी के कारण लोग कपड़ों और दिनचर्या को लेकर लापरवाही कर रहे हैं, जिसका असर उनकी सेहत पर पड़ सकता है। हालांकि, केवल तापमान में अंतर को वायरल संक्रमण का सीधा कारण नहीं माना जा सकता। संक्रमण के साथ दूषित पानी और भोजन भी उल्टी-दस्त की वजह बन सकते हैं।
एलर्जी के मरीजों की बढ़ रही परेशानी
बदलते मौसम में एलर्जी से परेशान लोगों को नाक बहने, छींक आने, गले में खराश और जुकाम जैसी समस्याएं हो सकती हैं। धूल और धुएं के संपर्क में आने से इनकी परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में सुबह और रात को बाहर निकलते समय जरूरत के अनुसार गर्म कपड़े पहनने तथा धूल वाले क्षेत्रों में मास्क का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। लक्षण लगातार बने रहने या परेशानी बढऩे पर चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
ठंडक बढऩे पर पानी पीना न करें कम
मौसम में ठंडक बढऩे के साथ कई लोग पानी पीने की मात्रा कम कर देते हैं। इससे शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ सकता है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। साथ ही साफ पानी का उपयोग करें और खुले में रखे भोजन से बचें। उल्टी-दस्त होने पर शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी हो सकती है, इसलिए ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ओआरएस का उपयोग करें।
नवंबर से दिन में भी कम होने लगेगी गर्मी
मौसम में बदलाव के साथ आने वाले दिनों में सुबह और देर शाम की ठंडक बढऩे की संभावना रहती है। नवंबर के पहले सप्ताह के आसपास दिन के तापमान में भी धीरे-धीरे गिरावट आने लग सकती है। फिलहाल दिन और रात के तापमान में अंतर के बीच लोगों को अपनी दिनचर्या और खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
बदलते मौसम में इन बातों का रखें ध्यान –
– सुबह और रात को बाहर निकलते समय जरूरत के अनुसार गर्म कपड़े पहनें।
– एलर्जी होने पर धूल और धुएं से बचें तथा आवश्यकतानुसार मास्क लगाएं।
– नियमित रूप से पर्याप्त पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
– साफ पानी का इस्तेमाल करें और खुले में रखे भोजन से परहेज करें।
– बुखार, सर्दी-खांसी या उल्टी-दस्त होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
– बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करें।
मौसम में बदलाव के इस दौर में सावधानी बरतकर मौसमी परेशानियों से बचाव किया जा सकता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न करें और समय पर उपचार लें।
