भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा सवाल खड़ा है—एक तरफ अभ्यर्थी पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ मौजूदा भर्ती में पदों की संख्या सीमित है। आखिर मामला कहां अटका है?
शिक्षक भर्ती-2025 में वर्ग-3 के 13 हजार 89 और वर्ग-2 के 10 हजार 800 पद घोषित किए गए हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि इन पदों की संख्या बढ़ाई जाए, दूसरी काउंसलिंग कराई जाए और नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
5 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग शुरू करने की मांग की थी। पत्र में उन्होंने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एक लाख से ज्यादा शिक्षक पद खाली होने का दावा भी किया। हालांकि, इस आंकड़े को विभाग का सत्यापित अंतिम आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
दूसरी ओर, सितंबर में प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, विभाग मौजूदा भर्ती में पद बढ़ाने के बजाय नई रिक्तियों के आधार पर अगली भर्ती की तैयारी कर रहा है। जुलाई 2027 तक रिक्तियों की गणना की बात भी सामने आई थी।
यानी असली सवाल है—कुल रिक्त पद कितने हैं, उनमें से कितने भर्ती के लिए स्वीकृत हैं और बाकी पद कब भरे जाएंगे? अभ्यर्थियों को अब सरकार के अगले फैसले का इंतजार है।
