नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (वार्ता) सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री तथा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन को अराजकता करार देते हुए कहा है कि देश का शासन अराजकता या दबाव की राजनीति से नहीं बल्कि संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के अनुरूप चलेगा।
श्री आठवले ने शनिवार को यहां एक बयान में कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन इसका इस्तेमाल संवैधानिक मर्यादाओं और कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विरोध के नाम पर सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करना और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर कोई भी आपत्ति तथ्यों, प्रमाणों तथा निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से उठायी जानी चाहिए। किसी संवैधानिक पदाधिकारी के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक दबाव बनाने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।
श्री आठवले ने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वालों को उनके संवैधानिक आदर्शों, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का भी सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद और सरकार की आलोचना लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं, लेकिन हर विरोध संवैधानिक दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि संविधान की सर्वोच्चता, कानून का शासन और लोकतांत्रिक मर्यादाएं देश की एकता, अखंडता तथा सामाजिक न्याय की आधारशिला हैं इसलिए हर नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करे।
