
नीमच। ग्रामीण आबादी भूमि पर मालिकाना अधिकारों को वैधानिक स्वरूप देने की दिशा में नीमच जिले ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत मनासा तहसील के ग्राम बालागंज में जिले की पहली रजिस्ट्री की गई। इसे संभाग में भी योजना के तहत पहली रजिस्ट्री बताया जा रहा है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के आदेश और मनासा एसडीएम मयूरी जोक के निर्देशन में तहसीलदार डॉ. अजेंद्रनाथ प्रजापति ने रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराई।
इस पहल से ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थित भूखंडों के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। योजना का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को उनकी संपत्ति के अधिकार का दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध कराना है, जिससे भविष्य में संपत्ति के हस्तांतरण सहित अन्य वैधानिक कार्यों में सुविधा मिल सके।
जिले में 1 लाख 25 हजार से अधिक हितग्राही
उपलब्ध प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, नीमच जिले की सात तहसीलों में कुल 1,03,827 भूखंड दर्ज हैं, जबकि हितग्राहियों की संख्या 1,25,607 है। जिले में रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अब तक 176 प्रकरणों में कार्रवाई प्रारंभ की गई है। इनमें से दो प्रकरण पटवारी सत्यापन के स्तर तक पहुंचे हैं, जबकि एक प्रकरण पूर्ण दर्ज किया गया है।
ऐसे में ग्राम बालागंज में पहली रजिस्ट्री होना योजना के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत है। अब प्रशासन के सामने अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों के प्रकरणों को आगे बढ़ाने और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती है।
मनासा में सबसे अधिक 46 प्रकरणों पर काम शुरू
तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार, मनासा तहसील में 32,146 भूखंड और 37,635 हितग्राही दर्ज हैं। यहां सबसे अधिक 46 प्रकरणों में रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
जावद तहसील में 16,823 भूखंड और 20,739 हितग्राही दर्ज हैं। यहां 33 प्रकरणों में प्रक्रिया शुरू हुई है। नीमच तहसील में 16,575 भूखंड और 20,309 हितग्राही दर्ज हैं, जहां 21 प्रकरणों पर काम प्रारंभ किया गया है। नीमच नगर में 3,643 भूखंड और 4,423 हितग्राही दर्ज हैं तथा 29 प्रकरणों में प्रक्रिया शुरू हुई है।
इसी तरह जीरन तहसील में 13,385 भूखंड और 16,605 हितग्राही दर्ज हैं, जहां 23 प्रकरणों में प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। रामपुरा में 8,288 भूखंड और 10,252 हितग्राही दर्ज हैं तथा 19 प्रकरणों पर काम शुरू हुआ है। सिंगोली तहसील में 12,967 भूखंड और 15,644 हितग्राही दर्ज हैं, जबकि यहां पांच प्रकरणों में रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
अब प्रक्रिया को गति देने की जरूरत
ग्राम बालागंज में पहली रजिस्ट्री होने के बाद अब अन्य पात्र हितग्राहियों के दस्तावेजों के सत्यापन और पंजीयन की प्रक्रिया को गति देना महत्वपूर्ण होगा। जिले में एक लाख से अधिक भूखंड दर्ज होने के मुकाबले रजिस्ट्री प्रक्रिया के शुरुआती चरण में सीमित प्रकरणों पर काम शुरू हुआ है।
स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण आबादी भूमि के अभिलेख व्यवस्थित करने और पात्र हितग्राहियों को संपत्ति संबंधी अधिकारों का दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन शेष प्रकरणों को कितनी तेजी से आगे बढ़ाता है।
