नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद गलत बयान देने का आरोप लगाया और कहा कि हारे और हताश लोगों की नापाक कोशिश को देश की जनता ने नाकाम कर दिया है।
भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि असम के नगांव संसदीय क्षेत्र में हुए उपचुनाव में भाजपा जीती। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में जीती और एक ऐसी सीट रेजीनगर जहाँ पर 70 प्रतिशत से ज़्यादा वोटर अल्पसंख्यक हैं, वहाँ भी भाजपा 70,000 से ज़्यादा वोटों से जीती, और पुडुचेरी में भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की जीत हुई। ये सभी चुनाव ऐसे समय में हुए हैं जब पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में अराजकता फैलाने की शरारत चल रही है।
उन्होंने कहा, “हम विरोध-प्रदर्शन के ख़िलाफ़ नहीं हैं, लेकिन अपनी हार की वजह से सड़कों पर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों को हथियार बना लेना गलत है। यह भी कमाल की बात है कि इसको लेकर एक तरह की होड़ मची हुई है।
उन्होंने कहा कि शुरुआती तीन दिनों तक कांग्रेस नेता राहुल गांधी वहाँ थे, फिर वे चले गये। अब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के लोग आये, जो आम आदमी पार्टी के लिए ‘शैडो बॉक्सिंग’ करते हैं। आज सुबह से ही उनका ड्रामा चल रहा था। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और बाकी लोग भी वहाँ पहुँचे। फिर पूर्व मुख्यमंत्री ममता ने सोचा कि हम क्यों पीछे रहें, इसलिए वे भी आ गईं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) भी इसमें शामिल हो गईं।
भाजपा सांसद ने कहा कि आज की घटनाओं और पिछले तीन दिनों के घटनाक्रम से दो बातें साफ़ होती हैं, पहला यह कि भारत के लोकतंत्र ने अव्यवस्था फैलाने की कोशिशों को नकार दिया है। दूसरी यह कि देश संसद के ज़रिए चलेगा, सड़कों से नहीं।
उन्होंने कहा कि ये हारे हुए और हताश लोग पिछले तीन-चार दिनों से दिल्ली की जनता को परेशान कर रहे हैं और सड़कों पर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों को हथियार बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमें हिंदुस्तान की जनता पर गर्व है कि उन्होंने इनकी इस साज़िश को नाकाम कर दिया। लोकतंत्र की मर्यादा और जनता का आशीर्वाद अराजकता पर भारी पड़ा है।”
श्री प्रसाद ने कहा कि जब 2014 में श्री नरेन्द्र मोदी जीते, तो उन्होंने (विपक्ष ने) 2015 से ईवीएम का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया। उस समय मैं देश का कानून मंत्री था और संसद में इस पर काफ़ी बहस हुई थी।
उन्होंने कहा, “हमने उनसे कहा था कि जब आप जीतते हैं तो ईवीएम ठीक होती है, और जब श्री मोदी जीतते हैं तो ईवीएम में गड़बड़ होती है। फिर, जब 2019 और 2024 में श्री मोदी जीते, तो उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) वाली बात शुरू कर दी।”
भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि श्री गांधी ने राष्ट्रपति के साथ अपनी मुलाकात के बारे में झूठे दावे करने का सहारा लिया। श्री प्रसाद ने दावा किया कि आज राष्ट्रपति के सूत्रों ने यह भी साफ़ किया कि विपक्ष के नेता के बयान गलत थे। ये लोग देश में अराजकता फैलाने पर आमादा हैं। इसलिए देश की जनता को इनके खिलाफ़ आवाज़ उठानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “हम भारत की जनता को बताना चाहते हैं कि यह देश संसद से चलेगा, यह देश लोकतंत्र से चलेगा, यह देश संसद में चुने गए लोगों की जवाबदेही से चलेगा, लेकिन यह देश सड़कों पर अराजकता से नहीं चलेगा।”
उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य बहुत उज्ज्वल है और हमें भारत के भविष्य पर बहुत गर्व है। स्वर्गीय अरुण जेटली ने श्री नवीन चावला के खिलाफ़ पक्षपात के आरोप लगाए थे। हालांकि, उन्हें हटाने के बजाय मनमोहन सिंह सरकार ने उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त कर दिया।
भाजपा सांसद ने कहा कि श्री गांधी आपातकाल की बात करना बंद करें। आपकी दादी इंदिरा गांधी के समय लगी आपातकाल का इतिहास सभी जानते हैं। सब जानते हैं कि अपनी कुर्सी बचाने के लिए उसे कैसे लागू किया गया था। उस समय वाम दल आपातकाल के समर्थक थे।
उन्होंने कहा, “हमें आपातकाल के बारे में उपदेश न दें। हमने उसके खिलाफ़ लड़ाई लड़ी थी। भारत कोई ‘बनाना रिपब्लिक’ नहीं है।”
श्री प्रसाद ने कहा श्री के नेतृत्व में भारत न तो कभी झुका है और न ही कभी झुकेगा। राष्ट्रीय हित में निर्णय लिए जाएंगे
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