रीवा:राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी करने का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। आरोप है कि पटवारी को घूस नहीं मिली तो उसने खरीदी गई जमीन, मकान, खेत, खलिहान को दूसरे के नाम दर्ज कर दिया। जबकि तहसीलदार से लेकर कमिश्नर तक उसके पक्ष में आदेश दे चुके हैं। पीड़ित ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
दरअसल कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे फरियादी राम लखन पांडे निवासी गुढ़ ने बताया कि भूमि नंबर 2715 के नक्शा तरमीम की कार्यवाही कई वर्षों पहले हो चुकी थी। तहसीलदार से लेकर कमिश्नर तक ने उस पर मोहर लगाई, भूमि का सीमांकन भी 2020 में कराया। जिस पर किसी भी स्वामी को कोई आपत्ति नहीं थी। फरियादी के मुताबिक भाई के साथ चल रहे मामले का फैसला कई वर्षों पहले हो चुका और सभी अपना-अपना हिस्सा लेकर अलग रह रहे थे।
इस दौरान पटवारी के द्वारा कहा गया कि अनुभागीय अधिकारी तहसील गुढ़ के न्यायालय से नए सिरे से पटवारी प्रतिवेदन व स्थल पंचनामा देना है और 18 अगस्त को पटवारी ने पंचनामा और मौका नक्शा तैयार किया। पीड़ित का आरोप है कि पटवारी के द्वारा 50 हजार रुपए की मांग की गई, जब उसने पैसा देने से इनकार किया तो मौके पर तैयार किए दस्तावेजों को अलग करते हुए पूरा नक्शा ही बदल दिया। पीड़ित का आरोप है कि उसकी जमीन किसी दूसरे के नाम दर्ज कर दी गई।पीड़ित ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है।
