भोपाल। शाहपुरा क्षेत्र में पड़ोसी की जमीन पर दावा करने के लिए फर्जी बंटान दस्तावेज तैयार करने के आरोप में पुलिस ने आइबी के सेवानिवृत्त डीएसपी रविंद्र डोंगे के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उन्हें बुधवार रात गिरफ्तार किया और गुरुवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। डोंगे वर्ष 2022 में भोपाल से आइबी के डीएसपी पद से सेवानिवृत्त हुए थे और शाहपुरा की महिंद्रा फेस-1 कालोनी में रहते हैं। पुलिस के अनुसार बावड़िया कला में करीब 0.82 डेसीमल जमीन अनुराग गर्ग, उनके भाई अनुज गर्ग और मां सुधा गर्ग के नाम है। यह जमीन बीडीए की योजना के तहत विनिमय प्रक्रिया में शामिल है। अनुराग गर्ग ने क्राइम ब्रांच के माध्यम से शिकायत कर आरोप लगाया कि रविंद्र डोंगे और उनके भाई मनोज ने जमीन पर दावा करने के लिए फर्जी बंटान दस्तावेज का इस्तेमाल किया। आरोपित ने अनुराग और उनके भाई व मां के नाम पर दर्ज जमीन का हिस्सा भी बंटान में दर्शाया।
शिकायत के अनुसार रविंद्र और उनके भाई मनोज डोंगे ने वर्ष 1994 में खसरा नंबर 293 की 0.50 डेसीमल जमीन खरीदी थी। इसके बाद 3 अप्रैल 2000 का बंटान दस्तावेज तैयार किया गया। इसी दस्तावेज के आधार पर रविंद्र डोंगे ने एसडीओ कोलार के यहां अपील प्रस्तुत की थी। इसका निराकरण 7 फरवरी 2023 को हुआ। शिकायतकर्ता का कहना है कि एसडीओ के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि 3 अप्रैल 2000 का बंटान राजस्व अभिलेख में दर्ज नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि बंटान का आदेश किस राजस्व प्रकरण में पारित किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बंटान न तो संबंधित पटवारी ने तैयार किया था और न ही तहसीलदार से स्वीकृत कराया गया।
हिस्सा बेचने के बाद भी अधिक जमीन पर दावा
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि डोंगरे परिवार जमीन का एक हिस्सा पहले ही बेच चुका था। इसके बावजूद बंटान के आधार पर अधिक जमीन पर दावा किया गया। दस्तावेज में अलग-अलग तारीखें होने और कुछ स्थानों पर सुधार किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। थाना प्रभारी संतोष मरकाम ने बताया कि क्राइम ब्रांच से मिली शिकायत और दस्तावेजों की जांच के बाद प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने धोखाधड़ी से संपत्ति प्राप्त करने, कूटरचना और जालसाजी सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
