
जबलपुर। आने वाले दिन कानून व्यवस्था की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है, संस्कारधानी में दुर्गा उत्सव पर्व बड़े ही धूमधाम एवं वृहद स्तर पर मनाया जाता है जिसकी ख्याति पूरे प्रदेश में है। सप्तमी, अष्टमी एवं नवमीं को शाम से ही श्रृद्धालु शहर में जगह जगह सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित दुर्गा जी की प्रतिमाओं के दर्शन निकलते है जिसको लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कहीं कोई चूक नहीं होना चाहिए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अलर्ट मोड में होकर ड्यूटी करें। यह बातें पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने पुलिस कन्ट्रोलरूम में अपराध समीक्षा बैठक लेते हुए कहीं। बैठक में त्रिवार्षिक तुलनात्मक भादवि, बीएनएस तथा प्रतिबंधात्मक एवं माईनर एक्ट की विस्तार से समीक्षा की गयी।
एसपी ने लंबित अपराधों पर नाराजगी भी जाहिर की और उनके निराकरण पर जोर दिया। साथ ही फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
पारंपरिक रूट से निकले जुलूस
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दुर्गा जी, काली जी की प्रतिमायें पारंपरिक स्थानों पर ही स्थापित हो इसके साथ ही जो जुलूस का पारम्परिक रूट है उसी रूट से जुलूस निकाले। संवेदनशील स्थानों पर फिक्स पिकेट्स लगाये जाये। थाना क्षेत्र में स्थापित की जाने वाली प्रत्येक प्रतिमा की जवाबदारी थाने में पदस्थ आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उप निरीक्षक एवं बीट प्रभारी की होगी। इसके साथ ही रात्रि एवं प्रभात चैक गश्त अधिकारी हर घंटे पण्डालों को चैक करें। तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए।
