
जबलपुर। मॉडल व बहू ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में जेल में निरुद्ध भोपाल की पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिवाला सिंह के द्वारा दहेज एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज धाराओं को विलोपित करते हुए संशोधित याचिका दायर की गयी। इस दौरान सीबीआई की तरफ से हाईकोर्ट जस्टिस अजय कुमार निरंकारी को बताया गया कि जिन साक्ष्यों को जांच के लिए लैब भेजा गया था, उसकी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से एकलपीठ को बताया गया था कि सीबीआई ने उनके खिलाफ दहेज की मांग किये जाने के संबंध में साक्ष्य नहीं मिलने के कारण प्रकरण में दहेज एक्ट के तहत चालान प्रस्तुत नहीं किया है। एकलपीठ ने जमानत याचिका में दहेज एक्ट की धारा विलोपित करते हुए संशोधित याचिका प्रस्तुत करने के आदेश जारी किये थे।
याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान एकलपीठ के समक्ष संशोधित याचिका प्रस्तुत की गयी। सीबीआई द्वारा पेश की गयी उक्त जानकारी को एकलपीठ ने रिकॉर्ड में लेते हुए अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को निर्धारित की है।
क्या है मामला
गौरतलब है कि भोपाल की पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिवाला सिंह की बहू व मॉडल ट्विशा शर्मा ने 12 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने गिरिवाला तथा उसके बेटे के खिलाफ दहेज हत्या व दहेज एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। पूर्व न्यायाधीश को प्रकरण में भोपाल जिला व सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत का लाभ मिल गया था। अग्रिम जमानत मिलने के खिलाफ हाईकोर्ट ने याचिका दायर की थी।इसके अलावा मृतिका को दोबारा पोस्टमार्टम कराने जाने की मांग करते हुए भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। हाई कोर्ट ने दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिये थे। हाईकोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश को मिली अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया था। सरकार के द्वारा प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपी गयी थी।
जिला न्यायालय के द्वारा जमानत याचिका खारिज किये जाने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
