नागपुर/ हिंगोली, 08 अक्टूबर (वार्ता) कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित पार्टी के प्रदर्शन से पहले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों को हिरासत में ले रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
श्री दिपके ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में दावा किया कि आंदोलन से जुड़े कई लोगों को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले एहतियातन हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम प्रदर्शन में लोगों की भागीदारी को कमजोर नहीं कर पाएंगे, बल्कि अभियान के प्रति समर्थन और मजबूत होगा।
श्री दिपके के अनुसार, महाराष्ट्र के मुंबई, नागपुर और चंद्रपुर समेत विभिन्न हिस्सों से सीजेपी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने स्थानीय पुलिस थानों से बार-बार फोन आने और प्रदर्शन में शामिल होने की उनकी योजनाओं के बारे में पूछताछ किए जाने की जानकारी दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से हतोत्साहित करना है।
सीजेपी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। श्री दिपके ने विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े नागरिकों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
ये आरोप मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर बढ़े तनाव के बीच सामने आए हैं। आलोचकों का दावा है कि इस प्रक्रिया से पात्र मतदाता प्रभावित हो सकते हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूचियों से दोहरे, मृत और अन्य अपात्र नामों को हटाना है। आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को भी खारिज किया है।
हाल के दिनों में मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर हुए प्रदर्शनों और श्री कुमार के इस्तीफे की मांग के दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। श्री राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं को इस सप्ताह की शुरुआत में दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था।
श्री दिपके ने कहा कि कथित दबाव और हिरासत के बावजूद 10 अक्टूबर के प्रदर्शन की तैयारियां जारी हैं। उन्होंने दोहराया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा और लोकतांत्रिक तथा चुनावी अधिकारों की रक्षा पर केंद्रित होगा।