
ग्वालियर। लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान के तहत लोकतंत्र, संविधान एवं मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन द्वारा अचलेश्वर मंदिर से फूलबाग स्थित गांधी उद्यान तक विरोध मार्च निकाला गया। मार्च में कांग्रेस सहित इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में शामिल होकर राहुल-प्रियंका के साथ कार्रवाई के विरोध में ब्लैक डे मनाते हुए लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का संकल्प लिया।
मार्च के दौरान वोट चोर गद्दी छोड़, ‘‘लोकतंत्र बचाओ-वोट बचाओ’’, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो जैसे जोरदार नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा। मार्च के समापन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रतीकात्मक पुतले का दहन कर केन्द्र सरकार एवं निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव ने मार्च के दौरान प्रतीकात्मक काला घड़ा, जिसे ‘ज्ञानेश कुमार के पाप का घड़ा बताया गया, लेकर आगे चले। गांधी उद्यान पहुंचने पर इस प्रतीकात्मक घड़े को फोड़कर यह संदेश दिया कि पाप का घड़ा भर चुका है, जनता के मताधिकार और लोकतंत्र से खिलवाड़ की कथित राजनीति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग देश के लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थाओं में से एक है, इसलिए उसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों का जवाब देना आवश्यक है।’’
मार्च में पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव, ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रभूदयाल जौहरे, विधायक डॉ. सतीश सिकरवार, विधायक सुरेश राजे, प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा, प्रवीण पाठक, राहुल शर्मा, दशरथ सिंह गुर्जर, श्रीमती रश्मि पंवार शर्मा, संजय सिंह राठौर, संगठन महामंत्री इब्राहिम पठान, महराज सिंह पटेल, प्रेम सिंह यादव, जेएच जाफरी, राजेन्द्र सिंह नाती, दुष्यंत सहानी, वीर सिंह तोमर, हमीद खां उस्मानी, सरमन सिंह राय, श्रीमती सीमा समाधिया, अवधेश कौरव, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति सिंह, सेवादल अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह गुर्जर सहित सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेस एवं इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल थे।
