फ्रांस के छात्र आंदोलनों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- इस्लाम इस देश पर करना चाहता है कब्जा

नई दिल्ली, फ्रांस में स्कूलों की खराब स्थिति और फंड की मांग को लेकर चल रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा और विवादित बयान सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि फ्रांस में हो रहे ये विरोध प्रदर्शन स्कूलों की समस्याओं से जुड़े नहीं हैं, बल्कि यह बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन और इस्लामी ताकतों द्वारा फ्रांस पर कब्जा करने की एक सोची-समझी कोशिश का नतीजा है। उन्होंने इन आंदोलनों को पूरी तरह से धार्मिक रंग देते हुए कहा कि फ्रांस जैसे महान देश को बचाने के लिए इन ताकतों को रोकना बहुत जरूरी हो गया है।

पेरिस समेत कई शहरों में उग्र प्रदर्शन और आगजनी, सुरक्षा बलों द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से बिगड़े हालात

फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन अब विकराल रूप ले चुका है, जिसमें मंगलवार को 2.5 लाख से अधिक लोगों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पेरिस, मार्से, ल्योन और स्ट्रासबर्ग जैसे प्रमुख शहरों में उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर भारी आगजनी की और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

हालात के मद्देनजर 2 हजार से अधिक स्कूल बंद, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की कोशिशें अभी नाकाम

बढ़ती हिंसा और तनाव को देखते हुए फ्रांसीसी प्रशासन ने एहतियात के तौर पर देश भर के 2,000 से अधिक स्कूलों को बंद कर दिया है, जबकि 1,000 से ज्यादा संस्थानों में पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से कराई जा रही है। सरकार लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने का प्रयास कर रही है ताकि स्थिति को सामान्य किया जा सके, लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शनकारी अभी किसी भी तरह के समझौते के लिए तैयार नहीं हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने यूरोपीय देशों में अप्रवासन और सुरक्षा के मुद्दों पर एक बार फिर तीखी बहस छेड़ दी है।

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