नई दिल्ली, फाइनेंशियल टाइम्स ग्लोबल एमबीए रैंकिंग्स 2026 में भारत में पहला और दुनिया में 12वां स्थान हासिल करने वाले प्रतिष्ठित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) ने अपनी 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘ISB@25’ के तहत कई दूरदर्शी और दीर्घकालीन पहलों की घोषणा की है। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्वस्तरीय मैनेजमेंट शिक्षा को अधिक से अधिक प्रतिभाशाली छात्रों तक पहुंचाना और देश में शैक्षणिक रिसर्च तथा फैकल्टी डेवलपमेंट को मजबूत करना है। इस पहल के तहत आईएसबी हर साल योग्य और जरूरतमंद छात्रों के लिए 250 स्कॉलरशिप प्रदान करेगा, जिससे विभिन्न आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमियों से आने वाले युवाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।
योग्यता और जरूरत के आधार पर मिलेगी स्कॉलरशिप, देशव्यापी रिसर्च प्लेटफॉर्म और फैकल्टी प्रोग्राम का गठन
घोषित की गई नई योजनाओं के अनुसार, छात्रों को उनकी योग्यता और आर्थिक स्थिति के आधार पर ट्यूशन फीस में 100%, 50%, 30% और 25% तक की विशेष छूट दी जाएगी। इसके साथ ही, संस्थान ‘आईएसबी इंडिया रिसर्च कॉमन्स’ नामक एक राष्ट्रीय स्तर का रिसर्च प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रहा है, जिससे देशभर के शोधकर्ताओं को आधुनिक डेटा सेट, रिसर्च टूल्स और एआई-आधारित सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अतिरिक्त, देश के अन्य मैनेजमेंट संस्थानों के साथ शिक्षण पद्धतियों और तकनीक को साझा करने के लिए एक नया ‘नेशनल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम’ भी शुरू किया गया है, ताकि संस्थान की विशेषज्ञता का लाभ पूरे देश के शैक्षणिक क्षेत्र को मिल सके।
बदलते उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम में बदलाव, वैश्विक स्तर पर स्थापित की गई है मजबूत पहचान
डीन प्रोफेसर मदन पिल्लुतला ने इस अवसर पर कहा कि यह मील का पत्थर संस्थान के भविष्य के प्रति संकल्प को और मजबूत करता है। स्थापना के बाद से पिछले 25 वर्षों में 65 से अधिक देशों में 20,000 से अधिक पूर्व छात्रों का नेटवर्क तैयार करने वाला आईएसबी, आधुनिक समय की जटिल व्यावसायिक चुनौतियों से निपटने के लिए युवाओं को तैयार कर रहा है। हाल ही में शुरू किए गए ‘पीजीपी वाईएल’ कोर्स और डिजिटल नॉलेज प्लेटफॉर्म ‘आईएसबी डिस्कवर’ जैसी पहलों के माध्यम से संस्थान ने उद्योग जगत की बदलती जरूरतों के साथ बेहतरीन तालमेल बिठाया है, जिससे इसके स्नातकों को वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त हो रहा है।

