नई दिल्ली, भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने कनाडा के प्रधानमंत्री के वरिष्ठ राजनयिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार डेविड मॉरिसन के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। कुछ समय पहले खुफिया और कूटनीतिक मामलों को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में आए तनाव के बाद यह मुलाकात सुरक्षा सहयोग और राजनीतिक संबंधों को नए सिरे से आगे बढ़ाने का संकेत देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित आगामी कनाडा दौरे से पहले हो रही इस बैठक में दोनों पक्षों ने व्यापार, सुरक्षा और कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा की और व्यावहारिक सहयोग के लिए नए क्षेत्रों की पहचान करने पर सहमति जताई।
मुक्त व्यापार समझौते और ऊर्जा क्षेत्र पर बातचीत जारी, पिछले विवादों को पीछे छोड़कर बढ़ रहे हैं दोनों देश
पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के दौरान उपजे कूटनीतिक गतिरोध और राजनयिकों के निष्कासन जैसे मुद्दों को पीछे छोड़ते हुए अब दोनों देश व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को लेकर गंभीर चर्चा कर रहे हैं। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार का आंकड़ा महत्वपूर्ण स्तर पर है और 2026 के अंत तक नए व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, ऊर्जा सुरक्षा के तहत कनाडा से यूरेनियम आपूर्ति और संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान जैसे समझौतों पर भी काम चल रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को एक नया आयाम मिल रहा है।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मध्यम दर्जे की ताकतों का आपसी सहयोग, भू-राजनीतिक मोर्चे पर बन रहे नए समीकरण
वैश्विक स्तर पर अमेरिका के साथ बदलते व्यापारिक समीकरणों और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के इस दौर में भारत और कनाडा दोनों ही अपनी आर्थिक व रणनीतिक साझेदारियों में विविधता लाने पर जोर दे रहे हैं। जानकारों का मानना है कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में ‘मिडल-पावर कोऑपरेशन’ यानी मध्यम दर्जे की ताकतों के मिलकर काम करने की नीति के तहत दोनों देश एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। इस निरंतर उच्च-स्तरीय बातचीत से यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों सरकारें आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर ऊर्जा, तकनीक, व्यापार और भू-राजनीति जैसे अहम क्षेत्रों में दीर्घकालिक व मजबूत रिश्ते बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

