भोपाल। मास्टर प्लान-2047 के प्रारूप पर दावे-आपत्तियां दर्ज कराने का सिलसिला जारी है. बुधवार को भी बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं. अब तक 623 आपत्तियां ऑनलाइन और 95 ऑफलाइन आ चुकी है, जिसमें से 12 बुधवार की ऑफलाइन प्राप्त हुई हैं. इनमें बैरागढ़ कला क्षेत्र से सबसे ज्यादा आपत्तियां आने की बात सामने आई है. आपत्तियों में लोगों ने अपनी जमीन के प्रस्तावित उपयोग को लेकर बदलाव की मांग की है. कई लोगों का कहना है कि उनकी जमीन को आवासीय से दूसरे उपयोग में शामिल किया गया है, जिसे वापस आवासीय किया जाए. वहीं कुछ लोग आवासीय जमीन को कमर्शियल करने की मांग कर रहे हैं. कुछ आपत्तियों में प्रस्तावित जोन को वापस पुराने उपयोग में करने या किसी अन्य जोन में शामिल करने की मांग भी की गई है.
-खेतों के बीच से सडक़ निकालने पर आपत्ति
किसानों ने मास्टर प्लान में प्रस्तावित सडक़ों को लेकर भी सवाल उठाए हैं. कुछ लोगों का कहना है कि सडक़ के लिए जमीन का हिस्सा दो भागों में बंट रहा है. किसानों की मांग है कि सडक़ का निर्धारण इस तरह किया जाए कि खेतों का अनावश्यक विभाजन न हो. वहीं कुछ लोगों ने प्रस्तावित सडक़ों की चौड़ाई कम करने पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि पहले प्रस्तावित 60 मीटर यानी करीब 200 फीट चौड़ी सडक़ को घटाकर 30 मीटर या करीब 100 फीट करने का कारण स्पष्ट किया जाए. यदि सडक़ पहले 60 मीटर चौड़ी प्रस्तावित थी तो उसे उसी चौड़ाई में रखा जाए.
-लहारपुर डैम को लेकर भी सवाल
लहारपुर डैम क्षेत्र को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है. लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पानी की स्थिति को देखते हुए जमीन को जिस तरह मास्टर प्लान में दर्शाया गया है, उस पर पुनर्विचार किया जाए. कुछ लोगों ने यहां आवासीय या कमर्शियल उपयोग की अनुमति देने की मांग की है.
-राजहर्ष कॉलोनी की भी आपत्ति
कोलार क्षेत्र की राजहर्ष कॉलोनी से भी दावे-आपत्तियां प्राप्त हुई हैं. इसके अलावा बैरागढ़ से इंदौर रोड और बिलकिसगंज रोड के बीच के क्षेत्र से जुड़ी सडक़ और जमीन के उपयोग को लेकर भी लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं. मास्टर प्लान के प्रारूप पर प्राप्त आपत्तियों के निराकरण के बाद ही प्रस्तावित भूमि उपयोग, सडक़ और अन्य प्रावधानों में अंतिम बदलाव की स्थिति स्पष्ट होगी.
