
इटारसी। ग्राम दौडीझुनकर निवासी अन्तुल उईके उम्र 40 वर्ष वनग्राम में निवास कर रहा था। दो माह पूर्व उसका टप्पर अज्ञात कारणों से जल गया जिसके मुआवजे के लिये वनविभाग अनुविभागीय अधिकारी तहसीलदार और पंचायत भवन के चक्कर काटकर परेषान हो गया था। उसकी मांग थी कि मुझे मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारी अधिकारी चक्कर पर चक्कर लगवा रहे हैं। गत दिवस मंगलवार को अन्तुल उईके ने पंचायत भवन पर ताला जडकर भाग गया। जब पंचायतकर्मियों को पता चला तो उन्होंने दोपहर 2 बजे केसला पुलिस थाने को सूचना देकर अपना पल्ला झाड लिया। अनुविभागीय अधिकारी नीलेष शर्मा ने इस सबके बाबजूद फारेस्ट अधिकारी और तहसील के अधिकारियों को कहा कि अन्तुल आदिवासी का मुआवजा 02 दिन के अंदर दिलाया जाए। इसी बीच पंचायत के समस्त कर्मी और ग्रामीणजन ने अनुविभागीय अधिकारी नीलेष शर्मा से कहा कि साहब, नषे में आकर अन्तुल अभद्र व्यवहार करता है और वह अपने मुआवजे को लेकर किसी का भी रास्ता रोक लेता है। पुलिस ने 112 गाडी को भेजकर उसे हिरासत में लेकर एसडीएम कोर्ट में पेष किया। जहां अनुविभागीय अधिकारी इटारसी ने उसका जेल वारंट बनवाकर जेल भेज दिया।
