जबलपुर: साल की विदाई अब करीब है। 2025 में वैसे तो अनेक सनसनीखेज हत्याएं हुई लेकिन अगर आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाएं तो वे कत्ल की वारदातें बेहद चौंकाने वाली रही है जिसमें अपने ही अपनों के खून के प्यास बने। छोटी छोटी बातों से लेकर संपत्ति की भूख, घरेलू कलह में रिश्तों में ऐसी दरार आई कि जो कभी जान से भी प्यारे हुआ करते थे उनके कत्ल की खौफनाक साजिश रचनी पड़ गई। सिर पर ऐसा खून अपने ही अपनों के कातिल बन बैठे। रिश्तों की डोर टूटने के साथ परिवार के सदस्यों को मौत के घाट उतारने वाली वारदातों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। किसी ने भाई, किसी ने पिता तो किसी ने बड़ी मां, भाभी के खून से अपने हाथ लाल किए है।
नहीं भरने वाले मिले जख्म
अपनों के कत्ल की खौफनाक वारदातों पर भले ही पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिए हो, लहू बहाने वाले आरोपियों को जेल भेजा जा चुका हो, लेकिन यह वारदातें रिश्तों को तार-तार कर देने वाली रही बल्कि इन वारदातों ने ऐसा जख्म दे दिया जो शायद कभी नहीं भर सकेंगे।
यह बन रहे कारण-
वारदातों पर नजर दौड़ाई जाए तो रिश्ते और विश्वास की डोर जमीन, धन, घरेलू कलह, आपसी झगड़े, पारिवारिक समस्याओं के चलते टूटी। अपनों का खून बहाने की वजह मानसिक बीमारियों से लेकर नशाखोरी, रंजिश, ईष्र्या भी बनी है।
दरिंदे भी अपने निकले-
सालभर जहां हत्याएं की वारदातें तो धड़ाधड़ हुई इसके साथ ही खून के रंग से पुलिस रिकॉर्ड के पन्ने भी भरते गए। साथ ही दरिंदगी और हैवानियत की वारदातें भी शर्मसार करती रही। ढेरों ऐसी वारदातें हुई जिसमें अपने या रिश्तेदार, करीबी ही हैवान निकले है इन वारदातों ने शर्मसार किया। कुछ ऐसी भी दरिंदगी-हैवानियत हुई जिसमें फूल जैसी मासूमों को तक हवस का शिकार बनाया गया।
इन वारदातों ने झकझोरा
24 अक्टूबर को घमपुर में प्रॉपर्टी विवाद पर छोटे भाई ने बबलू चौधरी ने बड़े भाई संजय चौधरी और भाभी बबीता चौधरी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी।
12 अक्टूबर को हनुमानताल थाना अंतर्गत चांदनी चौक में जमील अहमद ने साले रहमत अली पिता वाहिद अली 30 वर्षीय की हत्या कर दी थी।
16 अक्टूबर को बरगी थाना अंतर्गत राजाराम डुगरिया टोला में पिता जगदीश मार्को ने बड़े पुत्र अरविंद्र मार्को के साथ मिलकर छोटे बेटे विशन मार्को की रोजाना विवाद करने की आदत पर रॉड, पत्थर से हमला कर हत्या कर दी थी।
12 नवम्बर को माढ़ोताल थाना अंतर्गत मदर टेरेसा में अजीत सिंह 82 वर्षीय अजीत सिंह की बेटे अमरजीत सिंह ने सिर्फ इसलिए हत्या कर दी थी कि पिता उसे काम पर जाने टोकते थे।
17 जून को अरविंन्द्र उर्फ रिंकू गोटिया निवासी कंचनपुर के साथ पत्नी गनेशी बाई ने मारपीट कर तालाब में फेंक दिया था।
10 अगस्त को मझगवां थाना अंतर्गत अगरिया गांव में दो बेटों ने परिवावारिक विवाद के चलते पिता की हत्या करने के बाद हाथ बांधकर नहर में पिता की लाश फेंक दी थी।
बेलखेड़ा थाना अंर्तत नयाखेड़ा गांव मेेंं नाबालिग बेटे ने पिता की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी थी। पिता द्वारा मां से मारपीट के चलते बेटे ने वारदात की थी।
16 नवंबर को पनागर अंतर्गत नरगवां में जमीन व पेंशन के लालच में आरोपी ने बड़ी मां फूलबाई केवट पति रिखी राम केवट 58 वर्ष तुलसी केवट ने गला दबाकर हत्या की थी।
