ईवीएम पर सवाल उठाना कांग्रेस की आदत, जनादेश का करे सम्मान-साय

रायपुर, 07 अक्टूबर (वार्ता) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि चुनाव जीतने पर ईवीएम को सही मानना और हारने पर उसी पर सवाल उठाना कांग्रेस की आदत बन गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस जनता का विश्वास खो चुकी है और अपनी राजनीतिक विफलताओं को स्वीकार करने के बजाय कभी ईवीएम तो कभी चुनाव आयोग पर आरोप लगाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब इसी ईवीएम के माध्यम से चुनाव जीतकर अपने सांसद और विधायक बनाती है, तब उसे इसमें कोई समस्या दिखाई नहीं देती, लेकिन हारने पर उसी ईवीएम पर हार का ठीकरा फोड़ने लगती है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि है और राजनीतिक दलों को उसका सम्मान करना चाहिए। जनता अब कांग्रेस के इस दोहरे रवैये को समझ चुकी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए साय ने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। उनके अनुसार, पिछले 25 वर्षों की यह यात्रा सेवा, सुशासन, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की यात्रा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अवसर को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है और इसके तहत 13 प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश के 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित किए जाएंगे। रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी इसी स्वरूप में विकसित करने की योजना है।

श्री साय ने अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि तीन से छह अक्टूबर तक आयोजित ‘सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (सिंग) फोरम-2026’ में छत्तीसगढ़ की निवेश संभावनाओं को वैश्विक उद्योग जगत के समक्ष रखा गया। इस दौरान विभिन्न कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।

उन्होंने बताया कि सिंगापुर प्रवास के दौरान प्राप्त प्रस्तावों में सबसे बड़ा प्रस्ताव एनर्जी कैपिटल ग्लोबल का है। कंपनी ने छत्तीसगढ़ में 100 मेगावाट क्षमता का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)-रेडी डेटा सेंटर परिसर विकसित करने के लिए 41,750 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार इस तरह की परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ को डिजिटल अर्थव्यवस्था और भविष्य की तकनीक के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी तथा युवाओं के लिए आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार और करियर के नए अवसर पैदा होंगे।

श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक विकास नीति लागू होने के बाद करीब डेढ़ वर्ष में राज्य को 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और विभिन्न क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि अनेक परियोजनाओं पर जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है और सेमीकंडक्टर तथा एआई डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में भी राज्य आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश प्रस्ताव हासिल करना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक उद्योग, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में बदलना है, ताकि स्थानीय उद्योगों एवं उद्यमियों को भी इसका लाभ मिल सके।

 

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