
खिलचीपुर। नगर में बुधवार सुबह गायत्री कॉलोनी स्थित फलोदी सुपर बाजार में भीषण आग लग गई. कुछ ही देर में आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया. दुकान में रखा किराना, खाद्य तेल, कॉस्मेटिक सामान और नवरात्रि की बिक्री के लिए एक दिन पहले ही लाया गया नया माल जलकर खाक हो गया. दुकान संचालक शीर्षक उर्फ जीतू गुप्ता ने करीब 50 लाख रुपए के नुकसान की बात कही है.
आग की घटना के बाद दमकल व्यवस्था को लेकर नगर परिषद के खिलाफ लोगों में आक्रोश फैल गया. दुकानदार और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि सूचना के करीब आधे घंटे बाद दमकल मौके पर पहुंची. दमकल का होज पाइप फटा हुआ था और पानी का पर्याप्त प्रेशर नहीं बन रहा था. लोगों को खुद पाइप संभालकर आग बुझाने में मदद करनी पड़ी. बाद में जीरापुर से दूसरी दमकल और निजी पानी के टैंकर बुलाए गए. करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका.
एक कोने से शुरू हुई आग ने पूरी दुकान को घेरा
फलोदी सुपर बाजार लोहे के बड़े टिन शेड में संचालित होता है. दुकान संचालक जीतू गुप्ता के मुताबिक सुबह करीब 8.30 बजे उन्हें दुकान में आग लगने की सूचना मिली. वह तत्काल मौके पर पहुंचे. उस समय आग दुकान के एक कोने में लगी थी. नगर परिषद को दमकल के लिए सूचना दी. इसी दौरान आग तेजी से फैलने लगी. दुकान में खाद्य तेल सहित ज्वलनशील सामान होने के कारण कुछ ही देर में पूरा परिसर आग की लपटों से घिर गया.
फटा था दमकल का होज पाइप
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार नगर परिषद की दमकल पहुंची तो उसका होज पाइप क्षतिग्रस्त था. पानी का पर्याप्त प्रेशर नहीं बनने से आग पर प्रभावी तरीके से पानी नहीं पहुंच पा रहा था. इसके बाद स्थानीय लोगों ने खुद पाइप संभाला और पानी दुकान तक पहुंचाने का प्रयास किया. बाद में जीरापुर से दूसरी दमकल और निजी पानी के टैंकर बुलाए गए. करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. लेकिन तब तक दुकानका अधिकांश सामान जल चुका था.
व्यापारियों ने दुकानें बंद कर लगाया जाम
घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय लोग प्रदर्शन में शामिल हो गए. कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं. प्रदर्शनकारी जीरापुर रोड पर बैठ गए. जिससे सडक़ पर बसों और ट्रकों की कतार लग गई तथा यातायात प्रभावित हुआ. प्रदर्शनकारियों ने दमकल व्यवस्था की जांच, लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने और दुकानदार को हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन से कार्रवाई का आश्वासन मांगा. स्थिति को देखते हुए खिलचीपुर टीआई कमल सिंह गेहलोत पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे. बाद में भोजपुर, जीरापुर, बोड़ा और कालीपीठ थानों के पुलिस बल के साथ पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया. तहसीलदार अनिल शर्मा, नायब तहसीलदार और टीआई कमल सिंह गेहलोत ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया. बाद में एसडीएम ज्योति राजोरिया भी मौके पर पहुंचीं. करीब दो से ढाई घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद राजगढ़ से डिप्टी कलेक्टर भी मौके पर पहुंचे. प्रशासन ने आग की घटना और दमकल व्यवस्था की जांच के लिए टीम गठित करने तथा दुकानदार को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने के लिए कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और जीरापुर रोड पर यातायात बहाल हो सका.
शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जानकारी में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार गायत्री कॉलोनी में दुकानों के ऊपर से गुजर रही बिजली की केबल कई जगह से कटी हुई है. हालांकि आग का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. जांच में आग लगने के कारण के साथ दमकल के मौके पर पहुंचने में लगे समय, दमकल की तकनीकी स्थिति और पानी के प्रेशर सहित अन्य व्यवस्थाओं की भी जांच की जाएगी.
नगर परिषद कार्यालय गेट पर लगाया ताला
आग की घटना के बाद स्थानीय लोगों में नगर परिषद की दमकल व्यवस्था को लेकर आक्रोश बढ़ गया. लोग नारेबाजी करते हुए नगर परिषद कार्यालय पहुंचे. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कार्यालय में दो कर्मचारियों के अलावा कोई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद नहीं था. लोगों ने कार्यालय के अंदर नारेबाजी की और बाद में मुख्य गेट पर ताला लगा दिया. प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद और सीएमओ देव नारायण दांगी के खिलाफ भी नारे लगाए. इसके बाद लोग जीरापुर रोड पर पहुंच गए.
रात डेढ़ बजे तक नवरात्रि का सामान जमाया था
दुकानदार जीतू गुप्ता ने बताया कि मंगलवार रात वह इंदौर से नवरात्रि में बिक्री के लिए नया सामान लेकर आए थे. रात करीब डेढ़ बजे तक दुकान में सामान जमाने के बाद वह घर गए थे. सुबह आग की सूचना मिली तो वापस दुकान पहुंचे, एक दिन पहले लाया गया नया सामान भी आग की भेंट चढ़ गया.
एसडीएम के सामने छलका दर्द
आग बुझने के बाद एसडीएम ज्योति राजोरिया मौके पर पहुंचीं. इस दौरान दुकानदार ने दमकल व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई. वह भावुक होकर एसडीएम से दमकल के फटे पाइप की शिकायत करते हुए नुकसान की बात कहने लगा. उसने प्रशासन से मामले की जांच और उचित राहत की मांग की.
