कोलंबो, 07 अक्टूबर (वार्ता) श्रीलंका में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी जांच आयोग (सीआईएबीओसी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की पत्नी शिरांती राजपक्षे, पूर्व विदेश मंत्री रोहित बोगोलागामा और नेशनल सेविंग्स बैंक (एनएसबी) के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप करियावासम को अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया है।
श्रीमती शिरांती राजपक्षे को कोलंबो स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। उन पर ‘सिरिलिया साविया’ नामक एनजीओ के जरिए कोलंबो के ‘लेडी रिज-वे चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल’ के लिए जुटाए गए एक करोड़ श्रीलंकाई रुपये (लगभग 30,300 डॉलर) के दान में हेराफेरी करने का आरोप है।
उन पर आरोप है कि जिस मेडिल स्कैनर मशीन के लिए यह राशि जुटाई गई थी, उसे चीन सरकार ने पहले ही दान में दे दिया था। राजपक्षे परिवार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि धन पूरी तरह सुरक्षित है। इसके अलावा, पूर्व मुख्य न्यायाधीश शिरानी भंडारनायके के पति और एनएसबी के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप करियावासम को भी श्रीमती राजपक्षे से जुड़ी जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। एक अन्य मामले में, पूर्व विदेश मंत्री रोहित बोगोलागामा को भ्रष्टाचार के आरोपों के सिलसिले में आयोग के समक्ष बयान दर्ज कराने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें कोलंबो मुख्य मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की सरकार में राजपक्षे परिवार के खिलाफ पुराने भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में तेजी आई है। इससे पहले महिंदा राजपक्षे के बड़े बेटे नमल राजपक्षे को विमान खरीद घोटाले में और दूसरे बेटे योशिता राजपक्षे को भ्रष्टाचार के आरोपों में इसी साल गिरफ्तार किया जा चुका है।

