इंदौर:मंगलवार को शहर के पूर्वी क्षेत्र में मास्टर प्लान की आरई- 2 सड़क का अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई. इस दौरान सड़क में बाधक रहवासियों ने प्रशासन, पुलिस और निगम अधिकारियों पर पथराव किया. पुलिस ने पथराव करने वाले 9 पुरुष महिलाओं को हिरासद में लिया और स्थिति पर काबू पाया.मंगलवार सुबह शहर में भूरी टेकरी से नायता मुंडला आरटीओ तक मास्टर प्लान की निर्माणाधीन आरई-2 सड़क निर्माण में बाधक मकानों हटाने की कार्रवाई शुरू की. निगम रिमूवल दस्ते ने कच्चे पक्के मकान हटाने के लिए जैसे ही कार्रवाई शुरू की, अपने घरोंदे टूटने को लेकर आक्रोशित बस्ती के रहवासियों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए पथराव शुरू दिया. बस्ती के युवाओं एवं महिलाओं ने प्रशासन, पुलिस और निगम अधिकारियों पर जमकर पत्थर चलाए.
मौके पर स्थिति यह हो गई थी कि पुलिस और अधिकारियों को बचाने के लिए इधर-उधर छुपना पड़ा. बाद में पुलिस ने घेराबंदी कर 6 पुरुषों, 3 महिलाओं सहित 9 लोगों को हिरासत में लिया. इसके बाद पिपलियाहाना-बिचौली कांकड़ बस्ती का प्रशासन, पुलिस और नगर निगम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सड़क निर्माण में बाधक अवैध कच्चे निर्माणों को हटाया गया. कार्रवाई के दौरान अपर आयुक्त नगर निगम आकाश सिंह, प्रखर सिंह, अभय राजनगांवकर, उपायुक्त पुलिस अमरेन्द्र सिंह सहित प्रशासन, पुलिस और निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे.
स्थगन होने के कारण कुछ मकान नहीं हटाए
एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि आरई-2 सड़क की 4.25 किलोमीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी सड़क का 3 किलोमीटर से ज्यादा निर्माण हो चुका है. आरई-2 के निर्माण में शिव नगर, शिव दर्शन नगर एवं पिपलियाहाना-बिचौली कांकड़ बस्ती का व्यवस्थापन बाकी था. उक्त बस्ती के 325 परिवारों का व्यवस्थापन किया गया था. कुछ मकानों का न्यायालय से स्थगन होने के कारण नहीं हटाया गया था. न्यायालय से स्थगन हटाने के बाद 22 मकानों के अलावा अवैध रूप से बसे 58 कच्चे झोपड़ों को हटाने की कार्रवाई की गई. उक्त परिवारों का प्रधानमंत्री आवास योजना के नीलगिरि परिसर के आवासीय प्रकोष्ठों में पुनर्वास किया जा रहा है.
