उज्जैन। महाकाल की नगरी में कल देशभर के मेहमानों का जमावड़ा लगेगा अवसर है , मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के छोटे पुत्र अभिमन्यु के विवाह का जो खरगोन की डॉ इशिता यादव से सामूहिक विवाह सम्मेलन में होने जा रहा है । जिसमें 11 राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपालों समेत कई मंत्रियों विधायकों ,सांसदों को आमंत्रित किया गया है। इसके लिए विवाह स्थल पर बृहद डोम और ग्रीन रूम समेत वीआईपी कक्ष भी बनाए है। कई मेहमान बाबा महाकाल के दर्शन करने भी जाएंगे । इसके लिए शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी बदली गई है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह आज 30 नवंबर को डॉ. इशिता यादव के साथ सादगीपूर्ण सामूहिक वैवाहिक सम्मेलन में होने जा रहा है। इशिता यादव खरगोन निवासी किसान परिवार से हैं। उनके पिता दिनेश यादव के पुत्र से ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बेटी आकांक्षा यादव का विवाह हुआ था।इस रिश्ते के बाद खरगोन का यादव परिवार और उज्जैन का यादव परिवार आपस में और भी गहराई से जुड़ गया है।
बैलगाड़ी से एंट्री
मुख्यमंत्री डॉ यादव के पुत्र अभिमन्यु यादव अपनी होने वाली धर्मपत्नी डॉ इशिता के साथ बैलगाड़ी से सगाई करने के लिए पहुंचे । पारंपरिक तौर पर हुई इस एंट्री को देखकर लोग रोमांचित हुए।
महिला संगीत में झूम उठा मुख्यमंत्री का परिवार
विवाह के पूर्व आयोजनों के तहत शनिवार रात होटल अथर्व में महिला संगीत का कार्यक्रम हुआ। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं शामिल हुए। गीत-संगीत से सजी महफिल देर रात तक चलती रही। पूरे परिवार ने पारंपरिक धुनों पर नृत्य करते हुए खुशी साझा की।कार्यक्रम में किसी तरह की भव्य सजावट या तड़क-भड़क के बजाय सादगी और पारिवारिक गर्मजोशी मुख्य आकर्षण रही।
अभिमन्यु–इशिता के साथ 21 जोड़े लेंगे फेरे
इस बार मुख्यमंत्री परिवार ने अपने पुत्र का विवाह निजी कार्यक्रम की बजाय सामूहिक विवाह सम्मेलन में करने का निर्णय लिया है।डॉ. अभिमन्यु यादव और डॉ. इशिता यादव के साथ 21 अन्य जोड़े भी एक ही मंडप में फेरे लेंगे। यह पूरा आयोजन सांवराखेड़ी स्थित विवाह स्थल पर होगा। सभी व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री परिवार की तरफ से निशुल्क की गई हैं।
वीआईपी मेहमानों से उज्जैन की होटलें फुल
विवाह समारोह में मप्र के राज्यपाल मंगू भाई पटेल, कई राज्यों के मुख्यमंत्री ,मंत्री, सांसद, विधायक, केंद्रीय मंत्री सहित कई वीआईपी के पहुंचने की संभावना है। अधिकांश ने अपनी उपस्थिति की सहमति भेज दी है, वहीं मध्य प्रदेश का पूरा मंत्रिमंडल भी विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचेगा। शहर के नागरिकों, बुद्धिजीवीयो, पत्रकारो, धार्मिक समाजिक संस्थाओं से लेकर संतों महतो, भाजपा कांग्रेस के नेता कार्यकर्ताओं को भी आमंत्रित किया गया है। कई मेहमान शनिवार की रात को ही आ गए । शहर के तमाम बड़े होटल फुल हो चुके हैं।
यातायात और सुरक्षा की विशेष तैयारी
आज सुबह से ही उज्जैन में अतिरिक्त सुरक्षा और यातायात प्रबंधन लागू किया जाएगा।पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि धार्मिक नगरी होने के कारण पहले से ही निगरानी रहती है, बावजूद वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त व्यवस्था लागू कर दी है।28 -29 नवंबर से ही शहर में बैरिकेडिंग, मार्ग परिवर्तन और सुरक्षा तैनाती का काम शुरू हो चुका है।
पारिवारिक और सरकारी आयोजन में पहुंच रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 28 नवंबर से ही उज्जैन में रहकर विवाह की सभी रस्मों में स्वयं शामिल हो रहे हैं और मेहमानों की मेजबानी कर रहे हैं।वे 30 नवंबर तक शहर में ही रहकर सभी कार्यक्रमों की अगुवाई करेंगे। यही नहीं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सरकारी आयोजनों में भी शामिल हो रहे हैं । कभी वीसी के माध्यम से पूरे प्रदेश की मॉनीटरिंग कर रहे हैं तो कभी आवश्यक दिशा निर्देश के लिए मीटिंग कर रहे हैं । एस आई आर के लिए महत्वपूर्ण बैठके भी ले रहे हैं।
सादगीपूर्ण विवाह की मिसाल
मुख्यमंत्री परिवार द्वारा पुत्र का विवाह सामूहिक सम्मेलन में कराना समाज के लिए सादगी और सामाजिक समरसता का उदाहरण माना जा रहा है।न कोई अतिश्योक्ति, न दिखावा—बल्कि परंपराओं, संस्कार और समाज की भागीदारी के साथ एक आदर्श विवाह समारोह होने जा रहा है।
