ग्वालियर: साइबर ठगों ने बीएसएफ टेकनपुर अकादमी परिसर स्थित आवास में रहने वाले इंस्पेक्टर को 30 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 71 लाख 24 हजार रुपए ठग लिए। ठगों ने इंस्पेक्टर को भरोसे में लेने के लिए पहले 94 हजार रुपए वापस किए, फिर 34 ट्रांजेक्शन कराए। उन्होंने इंस्पेक्टर को मनी लॉड्रिंग व मोबाइल के दुरुपयोग के केस में पूरे परिवार का गिरफ्तारी वारंट होने की धमकी दी।पहले इंस्पेक्टर ने अपने खाते से 25 लाख रुपए ठगों को ट्रांसफर किए। ठगों से भयभीत इंस्पेक्टर ट्रेन से लखनऊ स्थित अपने बैंक भी गया और वहां से भी बैंक से रुपए ट्रांसफर किए। इंस्पेक्टर ने अपने मित्र व रिश्तेदारों से भी टेकनपुर में जमीन लेने का बहाना बनाकर रुपए लिए, इसके एवज में उन्होंने रुपए न चुका पाने पर अपना पुश्तैनी मकान व जमीन उनके नाम करने का वादा किया। इंस्पेक्टर ने 30 दिन में 34 ट्रांजेक्शन कर ठगों को रुपए दिए। क्राइम ब्रांच ने इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर जब एफआईआर करा रहा था तब उसे बिना मंजूरी के अकादमी छोड़ने पर विभागीय कार्रवाई का डर था।
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि बीएसएफ टेकनपुर में पदस्थ अबसार अहमद निवासी मऊ(उ.प्र.) ने ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर से 2 दिसंबर से 31 दिसंबर तक ठगों ने अलग-अलग खातों में 34 बार रुपए ट्रांसफर कराए। इंस्पेक्टर का परिवार लखनऊ में रहता है और ठगों को रुपए ट्रांसफर करने के लिए अबसार अहमद तीन बार ट्रेन से लखनऊ भी गए। इस दौरान भी ठग इंस्पेक्टर को लगातार फोन कर उन्हें किसी से बात व संपर्क न करने के लिए डराते हुए निर्देशित करता रहा। एसएसपी ने डीएसपी क्राइम नागेंद्र सिंह सिकरवार व एसआई धर्मेंद्र शर्मा को इंस्पेक्टर की रिपोर्ट दर्ज कर पड़ताल करने के निर्देश दिए।
इंस्पेक्टर ने जब बीच में ठगों से कहा कि उन्होंने कहा था कि वेरीफिकेशन पूरा होने पर रुपए वापस कर दिए जाएंगे, लेकिन रुपए वापस नहीं आए हैं। इस पर ठगों ने इंस्पेक्टर को भरोसे में लेने उसके खाते में 94,998 रुपए वापस भी किए और इसके बाद लगातार रुपए ट्रांसफर कराते रहे।इंस्पेक्टर के पास ठग का पहला वॉट्सएप वीडियो कॉल 2 दिसंबर को 11.29 बजे आया था। फोन करने वाले ने खुद को मुंबई साइबर ब्रांच से बताया और उनके खिलाफ मनी लॉड्रिंग केस में अरेस्ट वारंट और उनके मोबाइल नंबर पर कई केस चलने की बात बताई। कहा कि आपके साथ आपकी फैमिली भी अरेस्ट होगी।
इंस्पेक्टर के खाते में लगभग 25 लाख रुपए थे। ठगों ने कुछ दिनों में ही यह पूरे ट्रांसफर करा लिए। इंस्पेक्टर ने लखनऊ व मऊ में अपने परिजन व मित्रों से बात कर ग्वालियर में जमीन खरीदने का बहाना कर रुपए मांगे। जब कुछ मित्रों ने असमर्थता जताई को इंस्पेक्टर ने रुपए न लौटा पाने पर वहां की जमीन व मकान उनके नाम करने का वादा किया। लखनऊ स्थित परिजन व रिश्तेदारों से कुछ ही दिन 40 लाख रुपए से अधिक लेने पर बेटे असरफ को संदेह हुआ। इंस्पेक्टर का बेटा व परिवार लखनऊ में रह रहा है। बेटे ने जब विगत सप्ताह पिता को समझाते हुए कई बार बात की तो पिता ने मनी लॉड्रिंग के केस व मुंबई से फोन आने की जानकारी दी। इस पर बेटे ने 2 जनवरी को ऑनलाइन शिकायत की और सोमवार को एसपी अफिस पहुंचकर शिकायत की।
