इंदौर: शहर को अब एआई के साथ जीना सीखना होगा. इंदौर को एआई हब बनाना होगा. अमेरिका में सरकार से ज्यादा इंडस्ट्री एआई का उपयोग कर रही है. एआई को रोकना नहीं, बल्कि समझना और नियंत्रित करना जरूरी है. एआई के साथ प्राइवेसी भी बड़ी चुनौती है. नौकरियां खत्म नहीं होंगी, उनका स्वरूप बदलेगा. एआई लिटरेसी अब समय की जरूरत है.
उक्त बात महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आज अमेरिका यात्रा से लौटने के बाद यात्रा अनुभव साझा किए. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आज प्रेस क्लब में पत्रकारों से अमेरिका का इंटरनेशनल विजिटर लीडरशिप प्रोग्राम में हिस्सा लेकर लौटने के बाद चर्चा की. उक्त कार्यक्रम में करीब 8 देशों के 12 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें भारत का प्रतिनिधित्व महापौर भार्गव ने किया. महापौर भार्गव ने बताया कि करीब 50-60 वर्षों से दुनिया के अलग-अलग देशों के लोगों को विभिन्न विषयों पर अमेरिका द्वारा किए जा रहे काम, उनके प्रभाव और भविष्य की संभावनाओं को समझने का अवसर दे रहा है.
एआई का हम पिछले चार साल से प्रयोग कर रहे है, लेकिन यह कोई अचानक बनी व्यवस्था नहीं है, बल्कि इसके पीछे अमेरिका में पिछले 30-40 वर्षों में तैयार किया गया सिस्टम है. महापौर ने बताया कि यात्रा के दौरान अमेरिका के अलग-अलग राज्यों और शहरों में एआई से जुड़े काम को करीब से समझने का अवसर मिला. इस दौरान आठ देशों के 12 लोगों ने अमेरिका में एआई से जुड़े कॉलेज, यूनिवर्सिटी, कंपनियों और संस्थानों का अध्ययन किया. इसके लिए एआई लिटरेसी और अवेयरनेस पर काम जरूरी है. लोगों को इसके लाभ समझाने के साथ-साथ दुरुपयोग और जोखिमों से बचने की ट्रेनिंग भी देनी होगी. अमेरिका से लौटकर मेरा अनुभव यही है एआई को रोका नहीं जा सकता, लेकिन उसे समझकर, नियंत्रित करके और समाज के हित में इस्तेमाल जरूर किया जा सकता है और इंदौर के पास इस दिशा में आगे बढ़ने की पर्याप्त क्षमता है. उन्होंने कहा कि एआई से नौकरिया खत्म नहीं होगी, बल्कि काम करने का नजरिया एवं स्वरूप बदल जाएगा, जिसमें सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण भाग है.
बोस्टन की एआई पॉलिसी से इंदौर सीख सकता है
बोस्टन सिटी गवर्नमेंट ने अपने स्तर पर एआई पॉलिसी तैयार की है. इसमें यह तय करने की कोशिश की गई है कि नगर निगम के कर्मचारी एआई का उपयोग किन कामों में कर सकते हैं, किन मामलों में सावधानी रखनी होगी. किन क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. इंदौर पहले से डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में काम कर रहा है. डेटा डिजिटाइजेशन, घरों की जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड और नागरिक सेवाओं में तकनीक का उपयोग किया जा रहा है. इंदौर को केवल डिजिटल गवर्नेंस तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि एआई को समझने और उपयोग के लिए भी शहर में एक व्यवस्थित मॉडल विकसित करना होगा
