न्यूयॉर्क | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक खोजी रिपोर्ट ने दावा किया है कि ट्रंप ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के पिछले एक साल में करीब 1.4 अरब डॉलर (लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये) की भारी कमाई की है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की आय के प्रमुख स्रोतों में क्रिप्टोकरेंसी, विदेशी रियल एस्टेट सौदे और तकनीकी कंपनियों से मिले भारी भुगतान शामिल हैं। आलोचकों का आरोप है कि ट्रंप अपने राष्ट्रपति पद का उपयोग व्यक्तिगत तिजोरी भरने के लिए कर रहे हैं, जिससे उनकी प्रशासनिक नीतियों और निजी लाभ के बीच की रेखा धुंधली होती जा रही है।
रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा किया गया है कि कतर सरकार ने ट्रंप को 40 करोड़ डॉलर का एक लग्जरी निजी जेट उपहार में दिया है, जिसे वे वर्तमान में उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा, वियतनाम में गोल्फ रिसॉर्ट निर्माण और यूएई (UAE) की निवेश फर्मों के साथ हुए समझौतों के तुरंत बाद ट्रंप प्रशासन द्वारा उन देशों को नीतिगत लाभ और टैरिफ में ढील दी गई। भारत में भी ट्रंप ऑर्गनाइजेशन के भव्य कमर्शियल टावर प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इन विदेशी निवेशों को ‘पे-टू-प्ले’ की स्थिति माना जा रहा है, जहाँ निजी निवेश के बदले सरकारी नीतियों को प्रभावित करने के आरोप लग रहे हैं।
आय के विवरण में यह भी सामने आया है कि मेलानिया ट्रंप की डॉक्यूमेंट्री के लिए अमेजन ने 2.8 करोड़ डॉलर चुकाए हैं, जबकि मेटा और यूट्यूब जैसी कंपनियों ने कानूनी समझौतों के तहत ट्रंप को करोड़ों डॉलर का भुगतान किया है। ट्रंप की यह वार्षिक आय एक औसत अमेरिकी परिवार की तुलना में 16,800 गुना से भी अधिक है। विपक्ष ने इन आंकड़ों को लेकर हमला तेज कर दिया है, उनका कहना है कि “अमेरिका को फिर से महान बनाने” के वादे की आड़ में ट्रंप केवल अपना साम्राज्य फैला रहे हैं। फिलहाल व्हाइट हाउस ने इन वित्तीय आंकड़ों पर कोई भी आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।

