वाशिंगटन, 04 अक्टूबर (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद देश में एआई सुरक्षा और समन्वय के लिए ‘सुपर इंटेलिजेंस फोर्स’ (एसआईएफ) के गठन की घोषणा की है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी देते हुए बताया कि ऐतिहासिक ‘व्हाइट हाउस अकोर्ड ऑन सुपर इंटेलिजेंस’ के बाद इस टास्क फोर्स का गठन किया जा रहा है। हाल ही में व्हाइट हाउस में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में एआई कंपनियों ने स्वैच्छिक सुरक्षा मानकों को अपनाने पर सहमति व्यक्त की थी, जिसे ट्रम्प ने “नैतिक रूप से बाध्यकारी” करार दिया है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने निर्देश दिया है कि संघीय सरकार अब ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (एआई) के बजाय ‘सुपर इंटेलिजेंस’ (एसआई) शब्दावली का आधिकारिक रूप से उपयोग करेगी। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य एआई के क्षेत्र में अमेरिका के वैश्विक नेतृत्व को बनाए रखना और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस नई फोर्स का नेतृत्व राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस) जय क्लेटन करेंगे। उनके साथ फेडरल ट्रेड कमीशन के अध्यक्ष एंड्रयू फर्ग्यूसन, पेंटागन के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी और अनुसंधान व इंजीनियरिंग मामलों के अवर सचिव एमिल माइकल, तथा ऑफिस ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट के निदेशक स्कॉट कुपोर को इसमें शामिल किया गया है। यह फोर्स सीधे राष्ट्रपति ट्रम्प और व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स को रिपोर्ट करेगी।
हाल ही में व्हाइट हाउस में हुई बैठक में ओपनएआई , एंथ्रोपिक , गूगल मेटा , एनवीडिया और एलन मस्क की स्पेसएक्सएआई जैसी प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने एक-पेज के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत कंपनियों ने अपने एआई मॉडल के सुरक्षित संचालन के लिए नियंत्रण और ऑडिट के चार स्तरों पर सहमति जताई है, जिनमें आंतरिक मूल्यांकन, स्वतंत्र बाहरी फर्मों द्वारा ऑडिट और कंपनी के निदेशक मंडल द्वारा समीक्षा शामिल है।
