प्योंगयांग, 04 अक्टूबर (वार्ता) उत्तर कोरिया ने रविवार को मध्यम दूरी की एक रणनीतिक मिसाइल के परीक्षण की घोषणा करते हुए दावा किया कि इस हथियार ने कम ऊंचाई पर अपने उड़ान पथ को बदलकर दक्षिण कोरिया और जापान के रक्षा तंत्र को चकमा दिया।
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने कहा कि वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया (डब्ल्यूपीके) के सचिव ने शनिवार को व्यक्तिगत रूप से इस परीक्षण की निगरानी की। उन्होंने इस परीक्षण को “रणनीतिक” बताया। इस शब्द का उपयोग आमतौर पर परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हथियारों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि यह मिसाइल ट्रैकिंग से बचने के लिए कम ऊंचाई पर “लहरदार” (वेव-लाइक) प्रक्षेपवक्र (ट्राजेक्टरी) का उपयोग कर सकती है।
वहीं दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि मिसाइल शनिवार तड़के वॉनसन के आसपास के पूर्वी तटीय क्षेत्र से दागी गयी थी और उसने 700 किमी से अधिक की दूरी तय की। जापान के रक्षा मंत्रालय ने इस दूरी को लगभग 680 किमी बताते हुए स्पष्ट किया कि यह मिसाइल जापान के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) से बाहर समुद्र में गिरी।
सुश्री जोंग ने दक्षिण कोरियाई और जापानी अनुमानों के बीच के अंतर को इस बात का प्रमाण बताया कि मिसाइल को ठीक से ट्रैक नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि यह हथियार कम ऊंचाई पर अपना मार्ग बदल सकता है और इसे कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) से लैस किया गया है, हालांकि इन दावों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन नहीं हुआ है।
यह परीक्षण सुश्री जोंग के 21 सितंबर को हुए बारूदी सुरंग विस्फोटों पर उत्तर कोरिया से माफी मांगने की दक्षिण कोरिया की मांग को खारिज करने के एक दिन बाद हुआ है। इन धमाकों में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गये थे। दक्षिण कोरिया और अमेरिका के नेतृत्व वाले संयुक्त राष्ट्र कमान के एक संयुक्त निरीक्षण ने निष्कर्ष निकाला कि विस्फोट उत्तर कोरियाई खदानों के कारण हुए थे, जबकि उत्तर कोरिया ने जिम्मेदारी से इनकार किया है।
दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया से बारूदी सुरंगों और टैंक-रोधी बाधाओं के साथ सीमा की किलेबंदी रोकने का भी आह्वान किया है। उत्तर कोरिया ने इन मांगों को खारिज कर दिया है, जबकि सुश्री जोंग ने चेतावनी दी कि यदि हमला किया गया तो सीमा पर तैनात उत्तर कोरियाई सैनिक जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।
यह ताजा परीक्षण हालिया उत्तर कोरियाई सैन्य गतिविधियों की शृंखला का हिस्सा है, जिसमें मिसाइल परीक्षण और हाइपरसोनिक प्रणालियों के परीक्षण शामिल हैं। वॉनसन क्षेत्र में सितंबर में भी मिसाइल परीक्षण किये गये थे।
दक्षिण कोरिया ने कहा कि उसने अपने निगरानी स्तर को बढ़ा दिया है और अमेरिका तथा जापान के साथ जानकारी साझा कर रहा है। अमरीकी प्रशांत कमान ने कहा कि इस परीक्षण से अमरीकी कर्मियों, उसके क्षेत्र या उसके सहयोगियों को कोई तात्कालिक खतरा नहीं है।
वर्ष 2019 में श्री उन और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच परमाणु वार्ता विफल होने के बाद से उत्तर कोरिया अमेरिका-दक्षिण कोरिया से नये सिरे से बातचीत का बड़े पैमाने पर विरोध करता रहा है। उत्तर कोरिया ने इसके बजाय रूस के साथ संबंधों को मजबूत किया है और अपने परमाणु-सक्षम मिसाइल कार्यक्रम का विस्तार जारी रखा है।
ट्रंप प्रशासन ने दक्षिण कोरिया के साथ एक प्रमुख संयुक्त सैन्य अभ्यास को कम करने सहित कूटनीति को पुनर्जीवित करने की कोशिश की है। उत्तर कोरिया ने इन पहलों को खारिज करते हुए मांग की है कि अमेरिका पहले अपनी “शत्रुतापूर्ण नीति” को समाप्त करे, जिसमें प्रतिबंध और दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास शामिल हैं।
