सतना : सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत पशुपतिनाथ मंदिर के निवासी एक वृद्ध की पखवाड़े भर पहले हुई अंधी हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. वृद्ध द्वारा दी गई रकम को ब्याज सहित वापस लौटाने और लेन-देन से संबंधित विवाद के चलते तीनों युवकों ने मिलकर हत्या को अंजाम दिया था.
सिविल लाइन थाना प्रभारी प्रीति विश्वकर्मा से प्राप्त जानकारी के अनुसार पयाुपति नाथ मंदिर के बगल में अकेले निवासरत 65 वर्षीय वृद्ध रमाशंकर गर्ग का शव 18 सितंबर को पुलिस ने तब बरामद किया था जब आस पास के रहवासियों द्वारा घर के भीतर से दुर्गंध आने की शिकायत की गई थी.
पीएम रिपोर्ट में वृ़द्ध की मौत का करण किसी धारदार हथियार से हमला किए जाने के तौर पर सामने आया. अंधी हत्श की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने मौके पर से जुटाए गए साक्ष्य का विश£ेषण शुरु किया. इसी कड़ी में वृद्ध के पूर्ववर्ती आचरण को लेकर जानकारी जुटाई गई. जिसके चलते पुलिस की विवेचना में 3 युवक सचिन रैकवार, नीरज रैकवार और अंकित रैकवार प्रमुख संदेही के तौर पर सामने आए. लिहाजा तीनों को पकडक़र पूछताछ शुरु की गई. पहले तो तीनों ने पुलिस को इधर उधर घुमाने का प्रयास किया. लेकिन जब तीनों को अलग अलग मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई तो उन्होंने हत्या करना स्वीकार कर लिया. जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, चाकू और लोटा जब्त कर लिया.
समझौता न होने पर बिगड़ी बात
आरोपियों ने बताया वृद्ध रमाशंकर से अंकित ने 10 प्रतिशत प्रति माह की दर से 25 हजार रु लिए थे. जिसके बदले में अंकित ने सचिन का ब्लैंक चेक वृद्ध को दिया था. अंकित द्वारा ब्याज नहीं दिए जाने पर वृद्ध ने उक्त चेक को लेकर न्यायालय में केस लगा दिया. जिसकी पेशी भी शुरु हो गई. मामले में स्वंय को उलझता देख अंकित, सचिन और नीरज एक साथ हुए और वृद्ध से लेन देन का हिसाब करने की योजना बनाई. 15 सितंबर की रात जब तीनों वृद्ध के घर पहुंचे तो मूल धन लौटाने व केस वापस लेने की बात कही. लेकिन वृद्ध ने साफ कह दिया कि पूरा ब्शल और मूलधन मिलने के बाद ही वे केस वापस लेंगे. बात बढऩे पर सचिन ने लोटे से वृद्ध के सिर पर प्रहार किया. वृद्ध के गिरते ही अंकित और नीरज ने कुल्हाड़ी और चाकू से कई वार किए.
