
इंदौर. नियंत्रण बहुत जरूरी है, अगर आमदनी कम हो तो खर्चों पर और आमदनी ज्यादा हो तो शब्दों पर… सोशल मीडिया पर यह स्टेटस डालने के करीब एक घंटे बाद अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र के सुदामा नगर ई-सेक्टर में ट्रांसपोर्ट कर्मचारी अर्पित चौहान ने घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, पुलिस ने मर्ग कायम कर मोबाइल जब्त किया है.
अर्पित सुबह मंदिर से घर लौटा था. कुछ देर बाद पत्नी ने परिजन को घटना की सूचना दी. उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. प्रारंभिक जांच में पत्नी से विवाद की बात सामने आई है. वहीं स्वजन ने काम को लेकर कुछ लोगों द्वारा उसे परेशान किए जाने की बात भी पुलिस को बताई है. अर्पित के परिवार में पत्नी और तीन साल की बेटी है, जबकि छोटा भाई अभिषेक भी साथ रहता था. परिजनों ने बताया कि अर्पित की राजा रघुवंशी से करीब 10 साल पुरानी दोस्ती थी. दोनों लंबे समय तक साथ काम करते रहे और बाद में अर्पित राजा के परिवार से भी जुड़ गया था. राजा की मौत के बाद वह परिवार के कामकाज में मदद कर रहा था और कोचिंग संस्थान से जुड़े ट्रांसपोर्ट का काम भी संभाल रहा था. राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि अर्पित परिवार के करीब था और राजा की मौत के बाद भी लगातार संपर्क में रहा. परिजन ने पुलिस को बताया कि राजा की मौत के बाद काम जारी रखने के लिए अर्पित के खाते में 14.50 लाख रुपए भी डलवाए गए थे. अब पुलिस सोशल मीडिया स्टेटस, मोबाइल में मिले डेटा और परिजन के बयानों के आधार पर खुदकुशी की वजह तलाश रही है. अन्नपूर्णा थाना प्रभारी हित गोपाल यादव ने बताया कि मामले में जांच चल रही है. परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही खुदकुशी की वजह को लेकर कुछ कहा जा सकेगा.
