
इंदौर. चार बैंकों के खातों के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन का मामला सामने आया है. क्राइम ब्रांच ने राजेंद्र नगर निवासी अंकित देशमुख के खिलाफ केस दर्ज किया है. जांच में उसके बैंक खातों से करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन-देन और विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध से जुड़ी दर्जनों शिकायतों की जानकारी मिली है.
क्राइम ब्रांच की जांच में सिटी यूनियन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ इंडिया और कर्नाटक बैंक में अंकित के खातों की जानकारी सामने आई. इन खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किए जाने का संदेह है. ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को एक खाते से दूसरे खाते में पहुंचाने के लिए किया जाता है.
पुलिस को मिले डेटा के मुताबिक, इन खातों से जुड़े मामलों की शिकायतें तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड, गोवा, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों से दर्ज हैं. राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय और केंद्र के साइबर क्राइम पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत जांच शुरू की थी. अंकित बीएससी स्नातक है और कैटरिंग का काम करता है. पुलिस अब खातों में हुए लेन-देन और साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि संदिग्ध बैंक खातों के जरिए देश के कई राज्यों में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं. खातों में हुए लेन-देन की जांच की जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं.
