
रीवा, रीवा मे गांधी जयंती के पावन पर्व पर आयोजित विशेष ग्राम सभा में उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रशासनिक अधिकारी ही शराब के नशे में धुत होकर मौके पर पहुंच गए।
मामला रीवा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली मैदानी ग्राम पंचायत का है। हंगामे की सूचना मिलते ही रीवा जनपद सीईओ पूनम दुबे तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभाला।
बता दे की 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के राष्ट्रीय पर्व पर सरकार के निर्देशानुसार देश भर की ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा था। इसी कड़ी में मैदानी ग्राम पंचायत में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और विकास कार्यों पर चर्चा करने के लिए पंचायत भवन पहुंचे थे।
लेकिन, ग्रामीणों के पंचायत पहुंचते ही वहां अव्यवस्थाओं का अंबार देखने को मिला। ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव मौके से पूरी तरह नदारद थे।
पंचायत भवन में केवल रोजगार सहायक ही अकेले मौजूद थे। इसी बीच ग्राम पंचायत के पंचायत समन्वयक अधिकारी सुधीर तिवारी वहां पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, पीसीओ सुधीर तिवारी इतनी अत्यधिक शराब पिए हुए थे कि वह ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे।
आरोप है की नशे में धुत पीसीओ सुधीर तिवारी ने ग्राम सभा में मौजूद ग्रामीणों के साथ बातचीत करने के बजाय उनसे अभद्रता और गाली-गलौज शुरू कर दी।
अधिकारी के इस गैर-जिम्मेदाराना और अपमानजनक रवैये को देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पंचायत परिसर में ही जोरदार हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते मौके पर भारी तनाव की स्थिति निर्मित हो गई।
ग्रामीणों ने इस पूरे घटनाक्रम और हंगामे की सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा जनपद सीईओ पूनम दुबे तत्काल मैदानी ग्राम पंचायत पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया।
जब सीईओ पूनम दुबे ने पीसीओ सुधीर तिवारी की स्थिति देखी, तो उन्होंने तत्काल कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पुलिस को निर्देश देकर पीसीओ सुधीर तिवारी को तुरंत मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल भेजने के निर्देश दिए, ताकि उनके नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि हो सके।
वही सरपंच, सचिव की अनुपस्थिति और पीसीओ के इस हाई वोल्टेज ड्रामे के कारण आज होने वाली ग्राम सभा की कार्यवाही पूरी तरह बाधित हो गई।
जनपद सीईओ पूनम दुबे ने कानून व्यवस्था और गरिमा को ध्यान में रखते हुए गांधी जयंती की इस ग्राम सभा को स्थगित कर दिया है। सीईओ ने घोषणा की है कि अब यह ग्राम सभा कल दोबारा आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
फिलहाल इस घटना के बाद से ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है, वहीं जनपद सीईओ द्वारा मामले में की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की जा रही है। माना जा रहा है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद शराबी पीसीओ सुधीर तिवारी और लापरवाही बरतने वाले सरपंच-सचिव पर बड़ी गाज गिर सकती है।
