
रीवा, गांधी जयंती के अवसर पर केन्द्रीय जेल रीवा में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 7 कैदियों को सजा मे माफी के बाद रिहाई मिली है। जेल प्रशासन ने इसकी सूचना कैदियों के परिजनों को पहले ही दे दी थी। जेल में यह कैदी हत्या के मामले में सजा काट रहे थे। उन्होंने 14 साल की सजा पूरी कर ली थी और 6 साल की माफी मिलाकर 20 साल की सजा पूरी हो चुकी है।
जेल प्रशासन के मुताबिक उनकी रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था जिसे स्वीकृति मिलने के बाद आज गांधी जयंती पर सभी कैदियों को जेल से रिहा किया गया है। जेल प्रशासन के मुताबिक रिहा किये गये कैदियों मे अनूपपुर और शहडोल के दो-दो और सिंगरौली जिले के 3 कैदी शामिल है।
फिलहाल यह कैदी अपना जीवन अपने परिवार के सदस्यों के साथ बिताऐंगे और उनके पुनर्वास के लिए भी जेल प्रशासन द्वारा संबंधित जिलों को पत्र लिखे गये है।बताया गया की जेल में कैदियों ने जो काम सीखा है वह बाहर उनके जीविकापार्जन के काम आएगा।
रिहा होने वाले कैदियों में अमृतलाल बैगा निवासी पलसऊ थाना गोहपारु शहडोल, श्रीराम बैगा निवासी चुनिया शहडोल, शिवप्रसाद साकेत निवासी बरका थाना सरई जिला सिंगरौली, राजेन्द्र केवट निवासी निवासी खोडरी थाना कोतमा अनूपपुर, गुलाब सिंह गोड़ निवासी बधवानी थाना बैढन सिंगरौली, बच्चेलाल बसोर निवासी कोनी सिंगरौली, शंकरदयाल चौकसे निवासी लीला टोला थाना राजेन्द्रग्राम अनूपपुर शामिल है।
जेल अधीक्षक एसके उपाध्याय ने बताया कि निर्धारित नियमों के तहत सात कैदी पात्र थे, जिन्हे गांधी जयंती के मौक़े पर छूट का लाभ देकर रिहा किया गया है।
