मोस्को / नई दिल्ली, रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे भीषण युद्ध को समाप्त करने की दिशा में अब कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ करते हुए कहा है कि पीएम मोदी उन चुनिंदा वैश्विक नेताओं में शामिल हैं, जो रूस के साथ घनिष्ठ और मित्रवत संबंध होने के बावजूद यूक्रेन संकट को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म करने के लिए निरंतर गंभीर प्रयास कर रहे हैं। पुतिन ने स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री मोदी के पास इस संघर्ष का एक स्वीकार्य और व्यावहारिक समाधान तलाशने के लिए कई उपयोगी तथा रचनात्मक विचार हैं, जो शांति स्थापना में मददगार साबित हो सकते हैं।
रूस और दोनों पक्षों के साथ संतुलित और मानवीय संबंध बनाए हुए है भारत, सितंबर ब्रिक्स बैठक में भी हुई थी चर्चा
राष्ट्रपति पुतिन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इस पूरे भू-राजनीतिक संघर्ष में एक तटस्थ और मानवीय दृष्टिकोण अपनाए हुए है। चूंकि भारत के संबंध रूस और यूक्रेन दोनों देशों के साथ बेहद सौहार्दपूर्ण रहे हैं, इसलिए वैश्विक मंच पर शांति बहाली की सार्थक पहलों को आगे बढ़ाने में भारत की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। इससे पहले सितंबर के महीने में नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भी पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की द्विपक्षीय बैठक में आपसी व्यापार के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई थी, जहां भारत ने हरसंभव कूटनीतिक सहयोग का आश्वासन दिया था।
स्थायी शांति स्थापित करने के लिए बातचीत ही एकमात्र विकल्प, वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा है भारतीय नेतृत्व का प्रभाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय साक्षात्कारों और कूटनीतिक बैठकों में हमेशा से इस बात पर जोर दिया है कि युद्ध के मैदान से किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता, बल्कि इसके लिए संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है। भारत ने हमेशा से संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुँचाने के साथ-साथ बातचीत के माध्यम से अमन बहाल करने का समर्थन किया है। रूसी राष्ट्रपति द्वारा पीएम मोदी के शांतिपूर्ण विचारों की खुले तौर पर सराहना किए जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि मौजूदा वैश्विक संकट के दौर में दुनिया भर की निगाहें भारत के कूटनीतिक नेतृत्व और मध्यस्थता की क्षमता पर टिकी हुई हैं।

