देश भर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विशेष श्रद्धांजलि अर्पित

नई दिल्ली,  आज पूरे देश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है। इस पवित्र अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और सर्व-धर्म प्रार्थना में शामिल हुए। इसके साथ ही पीएम मोदी ने विजय घाट जाकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि मौजूदा वैश्विक संघर्षों के बीच गांधीजी का शांति, अहिंसा और ‘सर्वोदय’ का संदेश और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है।

देशभर में ‘स्वच्छता ही सेवा’ और स्वच्छता अभियानों का दौर, मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने संभाली कमान

गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के इस पावन पर्व पर देश के विभिन्न राज्यों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में स्वच्छ भारत अभियान में हिस्सा लिया, वहीं आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में ‘स्वच्छथॉन 2026’ का आयोजन किया गया। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने 2 अक्टूबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर (सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती) तक चलने वाले 30-दिवसीय राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान का आह्वान किया है, जिसमें नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न संगठनों से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई है।

विकसित भारत और आत्मनिर्भरता के संकल्प का दिन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा अहिंसा दिवस

महात्मा गांधी के जन्मदिवस को संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है, जो पूरी दुनिया में शांति और भाईचारे का संदेश देता है। देश आज स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ और आत्मनिर्भर बनने के राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। लाल बहादुर शास्त्री के ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे और उनके सादगीपूर्ण नेतृत्व को याद करते हुए देशवासी उनके योगदान को नमन कर रहे हैं, जो आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बना हुआ है।

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