भोपाल। बुजुर्गों की जिंदगी अक्सर हमारे बीच रहकर भी हमारी नजरों से ओझल रह जाती है। उम्र के इस पड़ाव पर शरीर कमजोर होता है, लेकिन अकेलापन, अपनों की व्यस्तता और बदलते रिश्तों का दर्द कई बार उससे भी ज्यादा गहरा होता है। कोई अपने बच्चों के पास रहकर भी अकेला है, तो कोई हर दिन किसी के फोन का इंतजार करता है। NavaBharat Special में सुनिए बुजुर्गों की जिंदगी का वो सच, जो घर की चारदीवारी के बाहर दिखाई नहीं देता… उनकी खामोशी के पीछे छिपी कहानियां, उनकी जरूरतें और वो सवाल, जिन पर समाज को एक बार फिर सोचने की जरूरत है।
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बिप्लब देब बोले- संगठन मजबूत करें, सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं
Thu Oct 1 , 2026
भोपाल। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री, प्रदेश प्रभारी और सांसद बिप्लब कुमार देब ने भोपाल में हुई संगठनात्मक बैठकों के बाद पार्टी की आगामी कार्यदिशा को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि दो दिनों तक संगठन की मजबूती, सरकार के साथ बेहतर समन्वय और जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को […]
