मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी गुरुवार की शुरुआत बेहद सुस्त और निराशाजनक रही। विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार जारी भारी बिकवाली और अमेरिकी बाजार से मिले कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण आज घरेलू शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुले। बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 287.39 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 72,192.89 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी 76.75 अंक यानी 0.34 प्रतिशत टूटकर 22,543.70 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
सितंबर महीने में एफआईआई ने निकाले 45,536 करोड़, ऑटो और सीमेंट शेयरों पर पड़ी सबसे ज्यादा बिकवाली की मार
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य तौर पर दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं। पहला, विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं, जिन्होंने अकेले सितंबर महीने में 45,536 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बिकवाली की है। दूसरा, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने की वजह से विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन वैश्विक दबाव के आगे आज बाजार टिक नहीं पाया। आज के कारोबार में निफ्टी ऑटो, सीमेंट, रियल्टी और हेल्थकेयर शेयरों में 2.76 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
आईटी सेक्टर ने दी बाजार को थोड़ी राहत, एक्सपर्ट्स ने 22,500 के स्तर को बताया अहम सपोर्ट
इस मंदी के माहौल के बीच केवल आईटी (IT) सेक्टर ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया, जहां इंफोसिस और टीसीएस जैसे दिग्गज शेयरों में खरीदारी के चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 22,500 से 22,550 का स्तर एक बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट है, और यदि यह स्तर टूटता है तो गिरावट और गहरी हो सकती है। बाजार में दोबारा तेजी लौटने के लिए निफ्टी को 22,800 से 22,900 के स्तर को पार करना जरूरी होगा, साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने पर ही भारतीय बाजारों को बड़ी राहत मिल सकेगी।

