सफाईकर्मियों के योगदान को गरिमा, सम्मान के साथ मान्यता दी जानी चाहिए : रेखा गुप्ता

नयी दिल्ली, 01 अक्टूबर (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सफाई कर्मियों को उपयुक्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराये जा रहे हैं और उनके योगदान को गरिमा एवं सम्मान के साथ मान्यता दी जानी चाहिए।
श्रीमती गुप्ता ने ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ विषय पर आधारित स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2026 अभियान के तहत सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से यहां राष्ट्रीय स्तर के ‘सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर’ में समाज के विभिन्न वर्गों के लिए दिल्ली सरकार की विभिन्न पहलों की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा प्रदान करने वाली पिंक कार्ड सुविधा, लखपति बिटिया योजना, विभिन्न स्वास्थ्य जांचों के लिए 450 आरोग्य मंदिर तथा कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए 611 पालना केंद्र संचालित कर रही है।
श्रीमती गुप्ता ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता बनाए रखना केवल सफाई मित्रों और सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि सफाई कर्मियों को उनके सभी अधिकार एवं हक समय पर प्राप्त हों तथा इस बात पर विशेष बल दिया कि महिला सफाई कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए किये जा रहे उपायों के बारे में भी बताया, जिनमें हाल ही में 1,000-कचरा उठाने वाली मशीनों और 100-सफाई मशीनों की मंजूरी भी शामिल है। इस कार्य का उद्देश्य हाथ से की जाने वाले सफाई गतिविधियों से जुड़े जोखिमों को कम करना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा पांच लाख रुपये के आयुष्मान भारत कवरेज के ऊपर पांच लाख रुपये का अतिरिक्त (टॉप-अप) स्वास्थ्य कवरेज मिलने से लाभार्थियों को मिलने वाला कुल स्वास्थ्य कवरेज बढ़कर 10 लाख रुपये हो जाएगा।
केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बुधवार को आयोजित इस शिविर में नमस्ते योजना के तहत सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों तथा कचरा बीनने वालों को सहायता और कल्याणकारी उपाय उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों के बारे में में जानकारी दी और कहा कि सफाई कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए निरंतर प्रयास किये जाने आवश्यक हैं।

डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि नमस्ते योजना सिर्फ कल्याणकारी सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सफाई कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान तथा दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक समावेशन पर भी ध्यान केंद्रित करना है। उन्होंने सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों तथा कचरा बीनने वालों तक योजना के लाभों के बारे में विस्तार से बताया और इस बात पर बल दिया कि पात्र कर्मियों को स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा तथा सुरक्षा से संबंधित उपायों से जोड़ा जाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों को गरिमापूर्ण जीवन जीने में सक्षम बनाया जाना चाहिए और उन्हें समाज की मुख्यधारा का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए।

केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने शिविर में अपने संबोधन में 2014 से स्वच्छता और सफाई कर्मियों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा निरंतर किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी और। उन्होंने बताया कि नमस्ते योजना का दायरा बढ़ाकर मल-कीचड़ उपचार संयंत्रों(एफएसटीपी) और सीवेज उपचार संयंत्रों(एसटीपी) से जुड़े कर्मियों को भी इसमें शामिल किया गया है। साथ ही, इन कर्मियों को आयुष्मान कार्ड और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण(पीपीई) किट जैसी सुविधाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है।
श्री वर्मा ने जोर देकर कहा कि कल्याणकारी लाभों तक पहुंच के साथ-साथ निर्धारित सुरक्षा दिशानिर्देशों और प्रोटोकॉल का पालन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों के प्रति नागरिकों की भागीदारी और जिम्मेदाराना व्यवहार के महत्व के बारे में भी बताया तथा इस बात को दोहराया कि स्वच्छता बनाये रखना और स्वच्छता कार्य में लगे व्यक्तियों की का सम्मान सुनिश्चित करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के महापौर प्रवेश वाही ने सफाई कर्मियों के अधिकारों और कल्याण की सुरक्षा के

महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि एमसीडी में 3,000 से अधिक सफाई मित्रों को औपचारिक रूप से शामिल किया गया है और इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया है कि सफाई कर्मियों को अपने कर्तव्यों का सुरक्षित रूप से निर्वहन करने में सक्षम बनाने के लिए पीपीई किट सहित उपयुक्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराये जायें।
इस शिविर का उद्देश्य सफाईमित्रों और स्वच्छता कर्मियों के योगदान को मान्यता देना और उन्हें सम्मानित करना तथा स्वास्थ्य देखभाल, सुरक्षा, कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी उपायों तक उनकी पहुंच को सुगम बनाना था। इस शिविर ने स्वच्छता कर्मियों और उनके परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं के संबंध में जानकारी और सहायता प्राप्त करने के लिए एकल-खिड़की मंच उपलब्ध कराया। शिविर में जनस्वास्थ्य, स्वच्छता और समुदायों के कल्याण में उनके योगदान के महत्व की भी जानकारी दी गयी।

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