बुधनी। अपनी आंखों का इकलौता चिराग बुझ जाने के बाद शोक की घड़ी में भी पिता ने पुत्र के नेत्रदान करने का साहसिक व प्रेरक निर्णय लिया.
नगर के वार्ड 6 निवासी एवं वन विभाग में कार्यरत रमेश नागले के पुत्र रवि नागले का बुधवार को असामयिक निधन हो गया था. पुत्र के निधन से परिवार में शोक का माहौल है. इस दुख की घड़ी में भी परिवार ने मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए रवि नागले की आंखें दान करने का निर्णय लिया.
नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए विनय यादव ने किरण फाउंडेशन के डॉ. राकेश भार्गव से संपर्क किया. इसके बाद बीएमएचआरसी अस्पताल की मेडिकल टीम डॉ. संदीप के नेतृत्व में नागले परिवार के निवास पर पहुंचकर नेत्रदान संपन्न कराया.
नेत्रदान के माध्यम से रवि नागले की आंखें किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी का माध्यम बन सकती हैं. परिवार ने दुख की इस घड़ी में नेत्रदान का निर्णय लेकर यह संदेश दिया कि सेवा का भाव विपरीत परिस्थितियों में भी कायम रखा जा सकता है.
