सीहोर। जबलपुर हाईकोर्ट ने शहर के नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध नहीं करने को लेकर कलेक्टर और नपा सीएमओ को कड़ी फटकार लगाई है.
कांग्रेस नेता पूर्व पार्षद शमीम अहमद द्वारा लगाई गई जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने नपा के कहिरी फिल्टर प्लांट को पुन: चालू करने, शहर में अंडरग्राउंड जर्जर पाइपलाइन नेटवर्क को पूरा बदलने, जल शुद्धिकरण रसायनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाने और नागरिकों के जीवन एवं स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सभी कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं.
शुक्रवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस नेता शमीम अहमद के द्वारा पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया. अहमद ने हाई कोर्ट में लगाई जनहित याचिका के बाद हाई कोर्ट द्वारा राज्य, सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय, आयुक्त, नगरीय प्रशासन, भोपाल संभाग, कलेक्टर, सीएमओ और कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जारी किए गए नोटिस की जानकारी दी.
कांग्रेस नेता शमीम अहमद ने बताया कि पिछले कई वर्षों से पार्वती नदी का प्रदूषित एवं बिना शुद्ध पानी सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है. इसका कारण काहिरी फिल्टर प्लांट का बंद होना, पुरानी एवं रिसावयुक्त पाइपलाइन तथा जल शुद्धिकरण रसायनों का उपयोग न किया जाना है. इससे नागरिकों के जीवन एवं स्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न हो गया है. इस मौके पर कांग्रेस नेता ओमवर्मा, पंकज शर्मा, नरेंद्र खंगराले, भगत सिंह तोमर, नायाब, केके रिछारिया, संतोष सिंह, तुलसी राठौर, ओम सोनी मौजूद थे.
