
सीहोर। तीन दिन पहले शाहगंज क्षेत्र में हाईवे पर टहलते नजर आए बाघ की तलाश अभी जारी है, वहीं अब मुख्यालय के नजदीकी जहांगीरपुरा और धबोटी गांवों के आसपास बाघ की मौजूदगी ने ग्रामीणों को दहशत में ला दिया है. गांव के नजदीक बाघ की गतिविधियां सामने आने और बकरी का शिकार किए जाने के बाद वन विभाग ने मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया है. इन दिनों खेतों में सोयाबीन की कटाई का दौर चल रहा है, ऐसे में किसान अकेले खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं और समूह बनाकर फसल काटने पहुंच रहे हैं.
जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित जहांगीरपुरा और धबोटी सहित आसपास के गांवों में बाघ की आहट ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. गांव के नजदीक हिंसक वन्यप्राणी की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. बाघ द्वारा धबोटी के ग्रामीण दुर्गाप्रसाद प्रजापति की गाय सहित एक अन्य ग्रामीण की बकरी का शिकार किए जाने की भी जानकारी सामने आई है. वहीं गांव की पगडंडी पर बाघ के टहलते हुए दिखाई देने की बात कही जा रही है. गश्त पर निकले वन अमले ने बाघ की गतिविधियों का वीडियो भी बनाया है.
बाघ की मौजूदगी की सूचना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया है. लोगों को जंगल और सुनसान इलाकों में जाने से बचने तथा अकेले खेतों की ओर नहीं जाने की सलाह दी जा रही है. डिप्टी रेंजर विजय कसोटिया सहित वन अमले द्वारा लगातार गश्त की जा रही है. वहीं गांवों में लगातार मुनादी करते हुए ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है.
तीन दिन पहले बनेटा व रामनगर में दिखा था बाघ
शाहगंज क्षेत्र के बनेटा और रामनगर में भी करीब तीन दिन पहले बाघ की मौजूदगी देखे जाने की जानकारी सामने आई थी. अब सीहोर जिला मुख्यालय के नजदीकी गांवों में बाघ की गतिविधियां सामने आने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की ओर से मुनादी और गश्त की जा रही है, लेकिन जब तक बाघ की सुरक्षित निगरानी या उसके मूवमेंट को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आती, तब तक खेतों में काम करना किसानों के लिए चुनौती बना रहेगा.
फसल कटाई के बीच सबसे ज्यादा डर
इन दिनों खेतों में सोयाबीन की फसल कटाई का काम तेजी से चल रहा है. ऐसे में बाघ की मौजूदगी ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है. खेतों में खड़ी फसल और आसपास मौजूद झाडिय़ों के कारण बाघ के छिपे होने की आशंका किसानों को डरा रही है. यही वजह है कि किसान अकेले खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं. कई किसान अब समूह बनाकर खेतों में पहुंच रहे हैं और कोशिश कर रहे हैं कि दिन के उजाले में ही फसल कटाई का काम पूरा कर लिया जाए. किसानों के सामने एक तरफ तैयार फसल को समय पर काटने की मजबूरी है, तो दूसरी तरफ बाघ की मौजूदगी के कारण जान का खतरा बना हुआ है.
