
उज्जैन। बुधवार को ही महाकाल मंदिर के सामने सडक़ चौड़ीकरण को लेकर नवभारत ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। हाई कोर्ट से चौड़ीकरण पर मिला स्थगन खारिज होने के बाद गुरुवार को नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। उज्जैन में ऐसा लग रहा है मानो श्राद्ध पक्ष में पूर्वज भी उज्जैन को आशीर्वाद दे रहे हैं. पूरे शहर का इन दिनों कायाकल्प हो रहा है.
महाकाल मंदिर के सामने दुकाने, होटले, रेस्टोरेंट आश्रम धर्मस्थल है,वह सब सकते में आ गए और अपना-अपना सामान हटाने लगे,निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर भवन अधिकारी सहित अधिकारी-कर्मचारियों की टीम ने दुकानों को खाली करने के लिए 2 घंटे का समय दिया। उज्जैन में महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार से महाकाल घाटी तक सडक़ चौड़ीकरण का रास्ता अब साफ हो गया है। मास्टर प्लान के तहत वर्तमान में करीब 12 मीटर चौड़ी सडक़ को 24 मीटर किया जाना प्रस्तावित है। इस प्रक्रिया की जद में करीब 40 दुकानें और अन्य संस्थान आ रहे हैं। नगर निगम और स्मार्ट सिटी की टीम ने पहले दुकानदारों को सामान हटाने के लिए समय दिया और इसके बाद कार्रवाई आगे बढ़ाई। सडक़ चौड़ीकरण की प्रक्रिया वर्ष 2023 में शुरू हुई थी। सडक़ की नपती और मार्किंग के बाद करीब 26 व्यापारियों ने न्यायालय का रुख किया था, जिसके चलते काम पर रोक लगी थी। अब याचिका खारिज होने के बाद चौड़ीकरण की कार्रवाई दोबारा शुरू हो गई है। कार्रवाई के दौरान स्थानीय दुकानदारों और रहवासियों ने विकास कार्य में सहयोग की बात कही, लेकिन उन्होंने सडक़ की चौड़ाई 24 मीटर के बजाय 18 मीटर रखने की मांग की है। प्रभावित लोगों का कहना है कि चौड़ीकरण में उनकी जमीन और दुकानें प्रभावित हो रही हैं तथा उन्हें मुआवजे को लेकर भी आपत्ति है।
प्रशासन ने झोंकी ताकत
महाकाल क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को लेकर उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, संभाग आयुक्त आशीष सिंह, महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक और एसपी प्रदीप शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। श्राद्ध पक्ष के दौरान चल रही इस कार्रवाई को शहर के विकास और महाकाल क्षेत्र के कायाकल्प से जोडक़र देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं की आवाजाही में सुधार की उम्मीद है।
