चंडीगढ़, 30 सितंबर (वार्ता ) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपणन मौसम 2027-28 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई वृद्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) का यह निर्णय किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा कि एमएसपी में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 में किए गए उस निर्णय के अनुरूप है जिसके तहत एमएसपी को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना स्तर पर निर्धारित करने का प्रावधान किया गया था।
उन्होंने बताया कि कुसुम के एमएसपी में सबसे अधिक 675 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। रेपसीड एवं सरसों में 413 रुपये, मसूर में 390 रुपये, जौ में 136 रुपये, चना में 83 रुपये और गेहूं में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
नई एमएसपी दरों के अनुसार गेहूं पर अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के मुकाबले 106 प्रतिशत, रेपसीड एवं सरसों पर 96 प्रतिशत, मसूर पर 92 प्रतिशत, चना पर 59 प्रतिशत, जौ पर 58 प्रतिशत और कुसुम पर 50 प्रतिशत का मार्जिन मिलेगा।
श्री सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार अनाज के साथ दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार उच्च एमएसपी निर्धारित कर रही है। इससे किसानों को लाभकारी मूल्य मिलने के साथ फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि हरियाणा के किसान इस निर्णय से लाभान्वित होकर देश के खाद्य भंडार को मजबूत करने में योगदान देते रहेंगे।
