
ओंकारेश्वर। ओंकारेश्वर के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्वरूप के संरक्षण को लेकर सनातन धर्म एवं अधिवक्ता संघ, इंदौर ने संभागायुक्त भास्कर लक्षकार को ज्ञापन सौंपा। रिपोर्ट जयप्रकाश पुरोहित की है।
ज्ञापन में कहा गया कि ओंकारेश्वर की पहचान केवल ज्योतिर्लिंग तक सीमित नहीं है। ओंकार पर्वत, मांधाता पर्वत, मां नर्मदा, प्राचीन घाट, परिक्रमा मार्ग और मंदिर मिलकर इस तीर्थ की पहचान बनाते हैं। पर्वत परिक्रमा प्राचीन धार्मिक परंपरा का हिस्सा है।
अधिवक्ताओं ने ब्रह्मपुरी क्षेत्र में चल रहे RCC घाट निर्माण पर आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान प्राचीन घाटों और प्राकृतिक चट्टानी संरचनाओं को काटा-तोड़ा जा रहा है, जिससे तीर्थ के मूल स्वरूप को नुकसान पहुंच रहा है।
संघ ने मांग की कि विरासत और पर्यावरणीय प्रभाव के परीक्षण तक निर्माण पर रोक लगाई जाए और जांच कराई जाए।
अधिवक्ता अभीष्ट मिश्रा ने कहा कि ज्ञापन के बाद भी रोक नहीं लगी तो अधिवक्ता संघ जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी में है।
