नयी दिल्ली, 30 सितंबर (वार्ता) केंद्र सरकार ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के प्रयास के तहत वाहनों के लिए कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी (कैफे) के नये नियम बुधवार को अधिसूचित कर दिए।
विद्युत मंत्रालय ने कैफे-3 नियमों की अधिसूचना जारी की है। नये नियम 01 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2032 तक लागू रहेंगे। ये इस दौरान देश में बने और आयात किए जाने वाले सभी वाहनों पर लागू होंगे। मंत्रालय ने बताया कि कैफे-3 के तहत वित्त वर्ष 2027-28 के लिए ईंधन-उपभोग बेंचमार्क को सख्त करके 3.996 लीटर प्रति 100 किलोमीटर तय की गई है। इसे हर साल और सख्त किया जाएगा। वित्त वर्ष 2031-32 में बेंचमार्क 3.3273 लीटर प्रति 100 किलोमीटर हो जाएगा। इस प्रकार पांच साल के दौरान इसमें 16.7 प्रतिशत का सुधार किया जाएगा।
कैफे नियमों के तहत तय किया गया बेंचमार्क वाहन कंपनी को किसी एक मॉडल के लिए हासिल नहीं करना होता है। उसे अपने सभी मॉडलों की ईंधन-खपत का औसत बेंचमार्क की सीमा के भीतर रखना होता है। नये नियम में भार के अनुसार अर्हता में बदलाव होता है। हल्के वाहनों के लिए अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य होता है। इसमें संदर्भ भार को 1,082 किलोग्राम से बढ़ाकर 1,229 किलोग्राम किया गया है। इसमें वाहन निर्माताओं को स्वच्छ-प्रौद्योगिकी वैकल्पिक ईंधन और अन्य नवाचार समाधान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए लचीलापन प्रदान किया गया है। इनमें सौर परावर्तक पेंट, आधुनिक ग्लेजिंग और कम ईंधन लागत वाले एयर-कंडीशनिंग भी शामिल हैं। औसत ईंधन-खपत निर्धारित करने में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों, रेंज विस्तारित इलेक्ट्रिक वाहनों, प्लग-इन-हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों, सुदृढ़-हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को भी सुपर क्रेडिट दिया जाएगा।

