दुबई, दुबई से इजराइल के तेल अवीव शहर जा रही फ्लाईदुबई की एक यात्री उड़ान के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब विमान की ओर से हाईजैक (अपहरण) का अलर्ट भेजा गया। इस बोइंग 737 विमान में लगभग 150 इजराइली नागरिक सवार थे। उड़ान के दौरान विमान ने पहले इमरजेंसी कोड ‘7700’ और उसके बाद संभावित गैर-कानूनी दखल का संकेत देने वाला कोड ‘7500’ ट्रांसमिट किया, जिसके बाद विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क भी कुछ देर के लिए टूट गया था। इस गंभीर सुरक्षा खतरे को देखते हुए सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में विमान का मार्ग बदलकर उसे तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतार लिया गया।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुलाई हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग, वायु सेना को किया गया हाई अलर्ट पर तैनात
इस घटना के सामने आते ही इजराइल के राजनीतिक और सैन्य हलकों में हड़कंप मच गया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने तत्काल प्रभाव से एक उच्चस्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई, जिसमें देश के सुरक्षा हालातों की समीक्षा की गई। संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए इजराइली वायु सेना ने अपने लड़ाकू विमानों को भी हवा में तैनात कर दिया था। हालांकि, शुरुआती जांच और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हाईजैक की कोई सुनियोजित घटना नहीं बल्कि कॉकपिट में दो पायलटों के बीच हुए आपसी विवाद का नतीजा था, जिसके कारण ट्रांसपोंडर बंद हो गया और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार, सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर और उड़ानों की स्थिति पर लगातार बना हुआ है तनाव
घटना के तुरंत बाद विमान के सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरने की पुष्टि हो गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, अभी तक एयरलाइन या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि विमान का औपचारिक रूप से अपहरण हुआ था या नहीं, लेकिन भेजे गए आपातकालीन कोड्स ने मध्य-पूर्व की मौजूदा संवेदनशील स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। इजरायली और खाड़ी देशों की सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कॉकपिट में वास्तव में क्या स्थिति उत्पन्न हुई थी।

